Google Analytics Meta Pixel विशेष: राम बिना आराम कहां है - Ekhabri.com

विशेष: राम बिना आराम कहां है

तारण प्रकाश सिन्हा IAS, की फेसबुक वॉल से लेखक आयुक्त जनसंपर्क छत्तीसगढ़ है।

यह निर्विवाद ऐतिहासिक तथ्य है कि, छत्तीसगढ़ ही प्राचीन दक्षिण कोसल है। यह भी सत्य है कि वर्तमान बस्तर ही प्राचीन दण्डकारण्य है। यही दो प्राचीन नाम रामकथा के दो ऐसे बिंदु है, जिसमें से एक से उसका उद्गम होता है और दूसरे से वह अपने चरम की ओर अग्रसर होती है।


पौराणिक उल्लेखों के अनुसार राजा दशरथ के समय में दो कोसल थे। एक कोसल था, जो विंध्य पर्वत के उत्तर में था, जिसके राजा दशरथ ही थे। दूसरा कोसल विंध्य के दक्षिण में था, जिसके राजा भानुमंत थे, दशरथ ने इन्हीं भानुमंत की पुत्री से विवाह किया था जो कौशल्या कहलाई।

भानुमंत का कोई पुत्र नहीं था, इसलिए उनका राज्य भी दशरथ ने ही प्राप्त किया। इस तरह दोनों कोसल संयुक्त हो गए। राम का जन्म कौशल्या की कोख से उसी संयुक्त कोसल में हुआ, कालांतर में उन्होंने इसी संयुक्त कोसल के राजा हुए।


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब कहते है कि यहां के कण-कण में राम बसे हुए हैं, तब उनका यह कथन दार्शनिक और आध्यात्मिक तथ्यों से कहीं ज्यादा ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक तत्वों की ओर ईशारा कर रहा होता है।


छत्तीसगढ़ न केवल राम-जन्म की पृष्ठ-भूमि है, बल्कि उनके जीवन-संघर्षो की साक्षी भी है। उन्होंने अपने 14 वर्षो के वनवास में से ज्यादातर समय यहीं पर बिताए। वे वर्तमान छत्तीसगढ़ की उत्तरी-सीमा, सरगुजा से प्रविष्ट होकर दक्षिण में स्थित बस्तर अर्थात् प्राचीन दण्डकारण्य तक पहुंचे थे। राम ने जिस मार्ग से यह यात्रा की, उन्होंने जहां प्रवास किया, पुराणों में उल्लेखित उनके भौगोलिक साक्ष्य आज भी विद्यमान है।

Read Also  बंद ऑनलाइन क्लास होगी फिर से शुरू


करीब डेढ़ साल पहले छत्तीसगढ़ की नयी सरकार ने अपनी जिन प्राथमिकताओं की घोषणा की थी, उनमें प्रदेश का सांस्कृतिक पुर्नउत्थान शीर्ष पर था। सरकार की यह सोच रही है कि मूल्य-विहीन विकास न तो मनुष्यों के लिए कल्याणकारी हो सकता है और न ही प्रकृति के लिए। इसलिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल मूल्यों को सहेजने उन्हें पुर्नस्थापित करने का काम शुरू किया गया। पूरी दुनिया जिस राम कथा को मानवीय मूल्यों के सबसे बड़े स्त्रोत के रूप में जानती-मानती आयी है। छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि यहीं पर उसका उद्गम है और यहीं पर वह प्रवाहित होती है।


सरगुजा से लेकर बस्तर तक राम गमन मार्ग में बिखरे पड़े साक्ष्यों को सहेजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक मूल्यों को ही सहेजना है। इसलिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पूरे मार्ग को नए पर्यटन-सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना तैयार करवायी है। 137.45 करोड़ रूपए की लागत वाली उनकी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कोरिया जिले का सीतामढ़ी-हरचैका, सरगुजा का रामगढ़, जांजगीर का शिवरीनारायण, बलौदाबाजार का तुरतुरिया, रायपुर का चंदखुरी, गरियाबंद का राजिम, धमतरी का सिहावा, बस्तर का जगदलपुर और सुकमा का रामाराम शामिल है।


नए पर्यटन-सर्किट का कार्य रायपुर जिले के चंदखुरी से शुरू हो चुका है। यहीं वह स्थान है जहां भगवान राम की माता कौशिल्या का जन्म हुआ था, जहां भानुमंत का शासन था। चंदखुरी में स्थित प्राचीन कौशिल्या माता मंदिर के मूल स्वरूप को यथावत रखते हुए, पूरे परिसर के सौदर्यीकरण और विकास के लिए लगभग 16 करोड़ रूपए की योजना के लिए दिसम्बर माह में भूमि पूजन हो चुका है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में सपरिवार चंदखुरी जाकर मंदिर के दर्शन किए और इस स्थल को उसके महत्व और गरिमा के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, 2 और 3 नवंबर को बारिश की संभावना

By Reporter 5 / November 1, 2026 / 0 Comments
  रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे नए मौसमी सिस्टम का असर प्रदेश में दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में गरज-चमक, वज्रपात और...

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में 36 विभूतियों को मिलेगा राज्य अलंकरण सम्मान

By Reporter 5 / November 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की 36 विभूतियों और संस्थाओं को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा, शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, लोककला और विभिन्न क्षेत्रों में...

फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद, CM साय ने दिए निर्देश

By User 6 / October 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण फसलों को हुए नुकसान के बाद प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और...

छत्तीसगढ़ महतारी की आराधना कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

By Reporter 5 / November 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ महतारी की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा...

CBSE के छात्रों के लिए अहम खबर, 10 और 9 क्लास से हटाए गए यह पाठ्यक्रम

By User 6 / October 30, 2026 / 0 Comments
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों की विषय योजना में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को पर्यावरण शिक्षा...

अमित शाह आज करेंगे आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन

By Reporter 5 / November 3, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के नए अस्पताल 'आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल' का शुभारंभ आज 3 नवंबर को होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस समारोह...

बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर होगा इंजीनियरिंग कॉलेज, सीएम साय की बड़ी घोषणा  

By User 6 / October 30, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनजातीय समाज के महान जननायक, प्रख्यात अभियंता और पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी पर उनकी आदमकद प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर के शासकीय इंजीनियरिंग...

महादेव सट्टेबाजी एप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत प्रत्यर्पित

By Reporter 5 / November 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 1 नवंबर 2026। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के प्रमुख आरोपी और महादेव ऑनलाइन बुक सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर लिया...

राज्योत्सव में पलक मुच्छल की आवाज पर झूमे दर्शक, छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने बांधा समां

By Reporter 5 / November 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या गीत-संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों के नाम रही। इस दौरान छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति से लेकर बॉलीवुड संगीत तक का अनूठा संगम देखने को मिला। लोकप्रिय गायक अनुराग शर्मा, लोक...

आज से नवा रायपुर में तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का भव्य आगाज

By Reporter 5 / November 1, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकपरंपराओं और कला-संगीत का भव्य उत्सव छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 आज 1 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में 1...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *