रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने प्लेसमेंट के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, राजनांदगांव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के मामले में मंडल ने एजेंसी की 10 लाख रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात कर ली है। इसके साथ ही एजेंसी को मंडल में कार्यरत एजेंसियों की काली सूची यानी ब्लैकलिस्ट में दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने संयुक्त निविदा के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए उक्त एजेंसी के साथ 1 जुलाई 2023 को अनुबंध किया था। इस निविदा की अवधि मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी है।
निविदा अवधि समाप्त होने के बाद मंडल मुख्यालय में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों ने एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों का आरोप था कि एजेंसी ने पांच माह की अवधि में उनके वेतन से सुरक्षा निधि के नाम पर राशि की कटौती की थी। कर्मचारियों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह राशि वापस करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर राशि वापस नहीं की गई।
शिकायत मिलने के बाद मंडल ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक खातों और भुगतान संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि एजेंसी द्वारा कर्मचारियों के वेतन से किश्तों में राशि की कटौती की गई थी। इसके अलावा मंडल से एजेंसी को प्राप्त राशि की तुलना में संबंधित कर्मचारियों को कम वेतन का भुगतान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।
मामले में मंडल ने एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। एजेंसी ने अपने जवाब में कर्मचारियों के वेतन से राशि की कटौती किए जाने की बात स्वीकार की। शिकायत सामने आने के बाद एजेंसी द्वारा कुछ राशि कर्मचारियों को वापस किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई। उपलब्ध दस्तावेजों और एजेंसी के जवाब के परीक्षण के आधार पर मंडल ने माना कि निविदा और अनुबंध में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया।
निविदा की शर्त क्रमांक 1.5 के अनुसार सफल निविदाकार द्वारा भविष्य में संतोषप्रद कार्य संपादित नहीं किए जाने की स्थिति में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में जमा राशि जब्त किए जाने का प्रावधान है। वहीं निविदा की कंडिका 11 (vii) के तहत कर्मचारियों के EPF और ESIC अंशदान सहित वेतन भुगतान की निर्धारित प्रक्रिया तथा संबंधित वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य किया गया था।
निविदा की शर्तों के मुताबिक एजेंसी को EPF Act, ESIC Act, LWF Act और Minimum Wages Act सहित संबंधित श्रम कानूनों का पालन करना था। कर्मचारियों के अंशदान की राशि संबंधित EPF और ESIC खातों में जमा करने तथा उसके चालान प्रस्तुत करने के बाद ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रतिपूर्ति का प्रावधान था। नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई के साथ एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किए जाने का प्रावधान भी निविदा में स्पष्ट था।
इन्हीं तथ्यों और 1 जुलाई 2023 को निष्पादित अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने एजेंसी की 10 लाख रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हेड ऑफिस न्यू चन्द्रा कॉलोनी, वार्ड क्रमांक-18, हनुमंतपुरम, राजनांदगांव को मंडल में कार्यरत एजेंसियों की काली सूची यानी ब्लैकलिस्ट में दर्ज कर दिया गया।
मंडल के आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा कि प्लेसमेंट के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को उनके वैधानिक और अनुबंधानुसार देय पारिश्रमिक तथा सामाजिक सुरक्षा संबंधी लाभों से वंचित किए जाने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक खातों, भुगतान संबंधी अभिलेखों और एजेंसी के जवाब का परीक्षण किया गया तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि मंडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके अधीन प्लेसमेंट के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को नियमानुसार देय वेतन, EPF, ESIC और अन्य वैधानिक लाभ समय पर प्राप्त हों। कर्मचारियों के वेतन से किसी भी तरह की अनुचित या अनधिकृत कटौती को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंडल आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन अथवा वैधानिक अंशदान में लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










