Google Analytics Meta Pixel चक्रधर समारोह बना रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, राज्यपाल ने किया शुभारंभ - Ekhabri.com

चक्रधर समारोह बना रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, राज्यपाल ने किया शुभारंभ

रायपुर। संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल रमेन डेका ने महाराजा चक्रधर सिंह के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले इस समारोह में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां देंगी।

 

समारोह के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री अनुज शर्मा सहित अन्य कलाकारों और कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह की पहली शाम को सुर, ताल और नृत्य की रंगीन छटा से यादगार बना दिया।

 

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं है, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और उनकी दूरदृष्टि को स्मरण करने का अवसर है।

 

उन्होंने कहा कि रायगढ़ भारतीय शास्त्रीय कलाओं की महत्वपूर्ण धरोहर भूमि है। रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। महाराजा चक्रधर सिंह ने राजसिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। उन्होंने कलाकारों को संरक्षण प्रदान किया और संगीत, नृत्य एवं साहित्य को आमजन के जीवन से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

 

राज्यपाल ने महाराजा चक्रधर सिंह की कृतियों ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आज भी कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने अपनी साधना से यह सिद्ध किया कि कला किसी एक स्थान या केंद्र की मोहताज नहीं होती। जहां निरंतर साधना होती है, वही स्थान कला का तीर्थ बन जाता है। आज रायगढ़ की पहचान संगीत, घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और नृत्य की भाव-भंगिमाओं से जुड़ी है।

Read Also  स्टार्टअप के लिए नई संभावनाएं और बेहतर विकल्प हैं कृषिः उप राष्ट्रपति धनखड़

 

उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह अब केवल शासकीय या संस्थागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है। देश के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलना इस समारोह की बड़ी विशेषता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में अपनी जड़ों और परंपराओं के प्रति जुड़ाव पैदा करते हैं।

 

राज्यपाल ने युवाओं से परंपरा के साथ नवाचार को जोड़ते हुए कला को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा सहित आदिवासी नृत्य और लोकगीत प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है और चक्रधर समारोह इसी सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

 

विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण जरूरी

 

राज्यपाल ने कहा कि विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी जरूरी है। रायगढ़ औद्योगिक विकास के साथ अपनी कला और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। पिछले वर्ष चक्रधर समारोह ने अपने 40 वर्ष पूरे किए और अब 41वां समारोह नई ऊर्जा और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

 

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनते हैं और कला को समाज से जोड़ने का काम करते हैं। कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं हैं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का माध्यम भी हैं। डिजिटल युग में भी नई पीढ़ी का अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा रहना जरूरी है। अपनी जड़ों से जुड़ाव पिछड़ापन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और ताकत है।

 

महाराजा चक्रधर की रचनाओं के संरक्षण पर जोर

 

राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने 41वें चक्रधर समारोह के अवसर पर सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से समारोह की गरिमा और बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह की गौरवशाली परंपरा रही है कि इसका शुभारंभ राज्यपाल की उपस्थिति में होता है।

Read Also  राष्ट्रीय रामायण महोत्सव: कन्नड़ में यक्षगान की सुंदर परंपरा

 

देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महाराजा चक्रधर सिंह का जन्म 19 अगस्त 1905 को हुआ था। उन्होंने ऐसे समय भारतीय कला, संगीत और संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया, जब अनेक सांस्कृतिक परंपराएं अपने मूल स्वरूप से दूर होती जा रही थीं। महाराजा चक्रधर सिंह केवल शासक नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति के महान संरक्षक थे।

 

उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की रचनाएं और उनके द्वारा सृजित ग्रंथ भारतीय संगीत एवं कला जगत की अमूल्य धरोहर हैं। इन ग्रंथों का संरक्षण, अध्ययन और व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस महान सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

 

राज्यसभा सांसद ने बताया कि उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की महत्वपूर्ण रचनाओं और ग्रंथों के संरक्षण एवं प्रकाशन का विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस विषय में विशेष रुचि दिखाई है और आने वाले समय में इन अमूल्य ग्रंथों के प्रकाशन की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से महत्वपूर्ण पहल की उम्मीद है।

 

चक्रधर समारोह रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

 

लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत और नृत्य के क्षेत्र में रायगढ़ को जो समृद्ध विरासत दी, उसे आगे बढ़ाने में यह समारोह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह को लगातार नई ऊंचाइयों तक ले जाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

 

नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत किया। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आयोजन समिति, मीडिया और रायगढ़वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की कला और संस्कृति की विशिष्ट पहचान है और इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।

 

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने समारोह में उपस्थित राज्यपाल, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और कला प्रेमियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी समाज की आत्मा होती है और कला उसकी जीवंत अभिव्यक्ति है। चक्रधर समारोह रायगढ़ की इसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है।

Read Also  साप्ताहिक बाजार में गिरी बिजली, एक की मौत कई घायल 

 

गणेश वंदना से हुई सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत

 

41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 की पहली शाम का शुभारंभ रामलीला मैदान में गणेश वंदना के साथ हुआ। कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों की गणेश वंदना ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

 

इसके बाद कलाकारों ने गायन और वादन की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। प्रियंका साहू ने हारमोनियम पर संगत की। सुनीता तिवारी, ईश्वरी गुप्ता, शुभांगी साहू, चवल कुमार पटेल, वेदप्रकाश आदित्य और बसंत यादव ने गायन की प्रस्तुति दी।

 

वाद्य संगीत में देवलाल देवांगन ने पखावज, शान्तनु पटेल ने तबला, किशोर बारीक ने बाँसुरी और शगुफ्ता बानो ने वायलिन वादन किया। आनन्ददास महंत ने घुंघरू वादन के माध्यम से प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया। कार्यक्रम का निर्देशन प्रियंका साहू ने किया, जबकि सुरेश कुमार चन्देल संयोजक रहे।

 

रामलीला मैदान में मौजूद दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया। 23 सितंबर तक चलने वाले चक्रधर समारोह में देश और प्रदेश के विभिन्न कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

 

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, सभापति डिग्री लाल साहू, गुरूपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावार, सुभाष पाण्डेय, विकास केडिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के. सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी, कला-संस्कृति से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


कक्षा से समाज तक बदलाव की मिसाल पेश कर रहीं शिक्षिका खेमेश्वरी साहू, रचनात्मक शिक्षा से संवार रहीं बच्चों का भविष्य

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के छेरकाडीह स्कूल में शिक्षा के साथ संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता पर जोर; विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहीं निरंतर प्रयास   पलारी, बलौदाबाजार-भाटापारा। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि...

अवैध संबंध के कारण युवक को उतारा मौत के घाट, पति पत्नी में मिलकर की बेरहमी से हत्या सिर को धड़ से किया अलग

By User 6 / October 7, 2026 / 0 Comments
बलरामपुर : जिले से बेहद डरावनी खबर सामने आई हैं, जिसमें पता चला है एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डवरा चौकी पहुंचकर एक इंसान ने अपने भाई के लापता...

स्कूल से लौटते बच्चों के बीच पहुंचे शिक्षा मंत्री, सुनीं स्कूल की जरूरतें

By User 6 / October 6, 2026 / 0 Comments
रायपुर। दुर्ग जिले के सेलूद में सोमवार को उस समय स्कूली विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे, जब स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चों के बीच शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव अचानक पहुंच गए। मंत्री ने बच्चों के साथ...

बॉलीवुड के दिग्गज नाना पाटेकर नहीं रहे, कार्डियक अरेस्ट से निधन

By Reporter 5 / October 8, 2026 / 0 Comments
मुंबई/गोवा। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अभिनेता ने 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से हिंदी और मराठी...

बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरुचा बाली में हादसे का हुई शिकार, रीढ़ की हड्डी में आई चोट

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरुचा बाली में हादसे का शिकार हो गईं। चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत बाली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी टीम ने हेल्थ अपडेट दिया है। खबर है कि रीढ़ की हड्डी...

बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन, 8-9 अक्टूबर को जुटेंगे अधिकारी

By User 6 / October 7, 2026 / 0 Comments
रायपुर। बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की ओर से 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार...

झाड़ू थामकर सफाई अभियान में उतरीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, दिया बड़ा संदेश  

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत सूरजपुर जिले के नगर पंचायत शिवनंदनपुर में जनभागीदारी से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंबेडकर चौक...

Ekhabri खास खबर: रायपुर में 11 अक्टूबर से गरबा की धूम, शहर के 20 जगहों पर होगा रास गरबा का आयोजन

By Reporter 5 / October 9, 2026 / 0 Comments
रायपुर। नवरात्र के शुरू होने के पहले ही राजधानी में गरबा उत्सव की तैयारी हो चुकी है। इस साल नवरात्रि 2026 में राजधानी रायपुर गरबा और डांडिया की रंगीन शाम लेके आ रहा हैं। 11 अक्टूबर से शहर के अलग-अलग...

महतारी वंदन से बदली ईश्वरी की जिंदगी, सब्जी-बाड़ी बनी आत्मनिर्भरता की राह

By User 6 / October 5, 2026 / 0 Comments
रायपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम बम्हनी की 40 वर्षीय ईश्वरी मरकार के जीवन में महतारी वंदन योजना आर्थिक सहारे से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता का आधार बन गई है। हर महीने बैंक खाते में मिलने वाली...

बस्तर में आईईडी पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर, लगेंगे विशाल शिविर

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में आईईडी विस्फोटों से प्रभावित दिव्यांग लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। बस्तर संभाग में दो चरणों में विशाल निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *