रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान को-ऑपरेटिव बैंकों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक किसान तक सीधे पहुंचना चाहिए। उन्होंने डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों का सहकारी बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।
बैठक के दौरान मंत्री कश्यप ने सहकारी बैंकों में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा की और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
सहकारिता मंत्री ने सहकारी सप्ताह 2026 के दौरान छत्तीसगढ़ में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों पर आधारित कॉफी-टेबल बुकलेट का भी विमोचन किया। सहकारी सप्ताह का आयोजन 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक किया गया था। बुकलेट में प्रदेश के को-ऑपरेटिव सेक्टर से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों को शामिल किया गया है।
बैठक में पैक्स के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण और ऑडिट प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं की वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कंप्यूटरीकरण और समयबद्ध ऑडिट जरूरी है।
कश्यप ने अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान, किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा कृषि ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रदेश में सहकारी बैंकों के माध्यम से 8800 करोड़ रुपये कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है।
मंत्री ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार करने और माइक्रो एटीएम की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि गांवों में रहने वाले किसानों और आम नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग की सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
समीक्षा बैठक में 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण और अन्य स्वीकृत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। नवगठित 515 पैक्स के सुचारू संचालन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। आरआईडीएफ के अंतर्गत स्वीकृत 725 गोदामों में से 718 का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष सात गोदामों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री कश्यप ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था और आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का शीघ्र और पारदर्शी तरीके से अंतिम निराकरण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। मंत्री ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े नागरिकों तक तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाना चाहिए।
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक एवं प्रभारी प्रबंध संचालक युगल किशोर, अपर पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, अपर पंजीयक सावित्री भगत सहित सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।










