Google Analytics Meta Pixel पितृपक्ष में पिंडदान और तर्पण से मिलती है पूर्वजों की आत्मा को शांति - Ekhabri.com

पितृपक्ष में पिंडदान और तर्पण से मिलती है पूर्वजों की आत्मा को शांति

गरुड़ पुराण में कहा गया है कि पितृगण तिथि आने पर वायु रूप में घर के दरवाजे पर दस्तक देते हैं। वह अपने स्वजनों से श्राद्ध की इच्छा रखते हैं। जब उनके पुत्र या कोई सगे संबंधी श्राद्ध कर्म करते हैं तो वे तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं। पितरों की प्रसन्‍नता से दीर्घायु, संतति, धन, विद्या, राज्य सुख, स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति होती है। किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसका उसके परिवार के सदस्यों द्वारा श्राद्धकर्म करना जरूरी होता है। विधि-विधान से मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों का तर्पण या पिंडदान न किया जाये तो उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है।

 

साहिंदी पंचांग के अनुर, हर वर्ष भाद्रपद की पूर्णिमा तिथि और आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तक पितृपक्ष रहता है। इस बार पितृपक्ष 10 सितंबर, शनिवार से 25 सितंबर रविवार तक रहेंगे। पितृपक्ष के दौरान पितरों की पूजा और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण या पिंडदान करने की परंपरा निभाई जाती है। पितृपक्ष के 15 दिनों में पितरों की पूजा, तर्पण और पिंडदान करने से पित्तर प्रसन्न होते हैं और उनकी आत्मा को शांति मिलती है। पितृगण की पिडदान न करने पर उसकी आत्मा मृत्यु लोक में भटकती रहती है। मान्यता है कि हर महीने की अमावस्या तिथि पर पितरों की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है, लेकिन पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध करने और बिहार के गया में पिंडदान करने का अलग ही महत्व होता है। पितरों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए पितृपक्ष में उनका श्राद्ध करना चाहिए।

Read Also  Ekhabri विशेष: नवरात्रि के चौथे दिन का महत्त्व: माँ कूष्मांडा की पूजा

 

ऐसे करें पितरों श्राद्धकर्म

-मान्यता है जिस पित्तर की मृत्यु जिस तिथि को होती है उसी तिथि को श्राद्धकर्म किया जाता है। अगर किसी परिजन की मृत्यु की सही तारीख पता नहीं है तो आश्विनी अमावस्या के दिन उनका श्राद्ध किया जा सकता है। पिता की मृत्यु होने पर अष्टमी तिथि और माता की मृत्यु होने पर नवमी तिथि तय की गई है। जब किसी व्यक्ति की मृत्यु किसी दुर्घटना में हुई तो उसका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर करना चाहिए।

-आर्थिक कारण या अन्य कारणों से यदि कोई व्यक्ति बड़ा श्राद्ध नहीं कर सकता लेकिन अपने पितरों की शांति के लिए वास्तव में कुछ करना चाहता है, तो उसे पूर्ण श्रद्धा भाव से अपने सामर्थ्य अनुसार उपलब्ध अन्न, साग-पात-फल और जो संभव हो सके उतनी दक्षिणा किसी ब्राह्मण को आदर भाव से दे देनी चाहिए।

– श्राद्ध में गाय का दूध और उन से बनी हुई वस्तुएं जौ, धान, तिल, गेहूं, मूंग, आम, अनार, खीर नारियल, अंगूर, चिरौंजी, मिठाई, मटर और सरसों या तिल का तेल प्रयोग करना चाहिए।

-पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण करने से तात्पर्य उन्हें जल देना है। सभी तर्पण की सामग्री लेकर दक्षिण की ओर मुख करके बैठ जाएं। अपने हाथ में जल, कुशा, अक्षत, पुष्प और काले तिल लेकर दोनों हाथ जोड़कर पितरों का ध्यान करते हुए उन्हें आमंत्रित करें। अपने पितरों का नाम लेते हुए आप कहें कृपया यहां आकर मेरे दिए जल को आप ग्रहण करें। जल पृथ्वी पर 5-7 या 11 बार अंजलि से गिराएं।

– आचार्य को भोजन कराने से पूर्व गाय, कुत्ते, चींटी और देवताओं के नाम की पूड़ी निकालनी चाहिए। यदि किसी परिस्थिति में यह भी संभव न हो तो 7-8 मुट्ठी तिल, जल सहित किसी योग्य ब्राह्मण को दान कर देने चाहिए। इससे भी श्राद्ध का पुण्य प्राप्त होता है। हिन्दू धर्म में गाय को विशेष महत्व दिया गया है। किसी गाय को भरपेट घास खिलाने से भी पितृ प्रसन्न होते हैं।

Read Also  Ekhabri Special: सजाएं हाथों में मेहंदीसजाएं हाथों में मेहंदी

पित्तरपक्ष श्राद्ध कर्म की तिथियां

10 सितंबर को पूर्णिमा का श्राद्ध/ प्रतिपदा का श्राद्ध

11 सितंबर द्वितीया का श्राद्ध

12 सितंबर तृतीया का श्राद्ध

13 सितंबर चतुर्थी का श्राद्ध

14 सितंबर पंचमी का श्राद्ध

15 सितंबर षष्ठी का श्राद्ध

16 सितंबर सप्तमी का श्राद्ध

18 सितंबर अष्टमी का श्राद्ध

19 सितंबर नवमी श्राद्ध

20 सितंबर दशमी का श्राद्ध

21 सितंबर एकादशी का श्राद्ध

22 सितंबर द्वादशी/सन्यासियों का श्राद्ध

23 सितंबर त्रयोदशी का श्राद्ध

24 सितंबर चतुर्दशी का श्राद्ध

25 सितंबर अमावस्या का श्राद्ध, सर्वपितृ अमावस्या, का श्राद्ध, महालय श्राद्ध

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


छत्तीसगढ़ BJP को मिला नया प्रभारी, स्मृति ईरानी संभालेंगी संगठन की कमान

By User 6 / September 23, 2026 / 0 Comments
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। इसी क्रम में स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है, जबकि सिद्धार्थ शंभू...

एशियन गेम्स में छाईं संजू देवी, छत्तीसगढ़ का बढ़ाया देशभर में गौरव

By User 6 / September 26, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 26 सितंबर 2026। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की संजू देवी ने...

पंजाब के बाद आसाम में भी भूपेश बघेल का विरोध

By User 6 / September 22, 2026 / 0 Comments
समागुडी. असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को समागुड़ी के बरमा इलाके में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित तौर पर पथराव का मामला सामने आया। काफिले में असम कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री...

नवा रायपुर में 22 सितंबर को सजेगी तीज मिलन उत्सव की भव्य रंगत

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक तिहार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से...

ओडिशा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व राज्यपाल से की मुलाकात

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने ओडिशा प्रवास के दौरान सोमवार को भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता विश्वभूषण हरिचंदन से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस दौरान विश्वभूषण...

भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री ने की राज्य के नागरिकों से अपील 

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में बारिश...

रायपुर में गणेश विसर्जन की तैयारी पूरी, महादेव घाट पर कंट्रोल रूम बनेगा

By User 6 / September 22, 2026 / 0 Comments
रायपुर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर पालिक निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेव...

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति की दस्तक, वसुंधरा परियोजना बदलेगी राजस्व सेवाओं का स्वरूप

By User 6 / September 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में डिजिटल बदलाव की बड़ी पहल कर रही है। राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग की ‘वसुंधरा’ परियोजना के माध्यम से प्रदेश के पुराने और...

पवन साय को झारखंड में नई जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई  

By User 6 / September 25, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पवन साय को झारखंड में प्रदेश महामंत्री (संगठन) का दायित्व मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पवन साय के नए दायित्व को लेकर विश्वास जताया कि उनके संगठनात्मक अनुभव से झारखंड...

पितृ में ना करें पूर्वजों की अनदेखी, तिथियों के अनुसार करें पितृ की पूजा

By User 6 / September 24, 2026 / 0 Comments
पितृ पक्ष आने वाला है। घरों में एक बार फिर पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण की तैयारियां शुरू होंगी। हिंदू धर्म में इन दिनों को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा जताने का समय माना गया है। परिवार में जिन लोगों...