केदारनाथ में द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण कार्य इन दिनों द्रुतगति से चल रहा है। इसके लिए 350 श्रमिक शून्य से नीचे तापमान में भी पूरे मनोयोग से जुटे हुए हैं। कार्य समय से पूरे हों, इसके लिए निर्माण एजेंसियां श्रमिकों की संख्या 700 करने के लिए प्रयासरत हैं। भारी मशीन, पुल निर्माण के लिए स्टील गार्डर व अन्य वजनी सामग्री वायु सेना के मालवाहक हेलीकाप्टर चिनूक से केदारनाथ पहुंचाई जा रही है।
केदारनाथ में इन दिनों सुबह और रात का तापमान माइनस आठ से दस डिग्री के आसपास चल रहा है। दोपहर का तापमान दस से 18 डिग्री के बीच रहता है। आसमान भी इन दिनों पूरी तरह साफ है, जिससे पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। दूसरे चरण में तीर्थ पुरोहितों के 32 आवास बनने हैं। इनमें से 12 आवास इसी माह बनकर तैयार हो जाएंगे। चिनूक हेलीकाप्टर भी निर्माण सामग्री लेकर रोजाना दो से तीन चक्कर गौचर से केदारनाथ धाम के लगा रहा है। चिनूक से तीन पोकलैंड व मिक्सर मशीन केदारनाथ पहुंचाई जानी हैं। बीते एक सप्ताह से चिनूक लगातार निर्माण सामग्री केदारनाथ पहुंचा रहा है। इस बार धाम में 31 दिसंबर तक निर्माण कार्य जारी रखने का लक्ष्य है, लेकिन मौसम साफ रहने पर आगे भी कार्य जारी रखे जाएंगे।
केदारनाथ धाम में दिसंबर के बाद चार से पांच फीट बर्फ जम जाती है। ऐसे में निर्माण कार्य जारी रख पाना संभव नहीं हो पाता। पुनर्निर्माण कार्यों का जिम्मा संभाल रहे लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीन कर्णवाल का कहना है कि तय समय में निर्माण कार्य पूरा करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आठ से दस निर्माण कार्य इसी वर्ष पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त सचिव योगेंद्र सिंह ने बताया कि धाम में फिलहाल 350 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। कार्य में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या 700 करने को बातचीत जारी है।










