ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में विरोध के स्वर तेज होता नजर आ रहा है। भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने का विरोध कर रहे कट्टरपंथी इस्लामवादियों द्वारा उनकी तस्वीर का कथित अपमान करने को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। रंगपुर में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति बनाई जानीं थी। इस पर कुछ कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया। इसे लेकर बांग्लादेश के ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए हैं।
सड़कों पर विरोध के गूंजे स्वर राम प्रतिमा निर्माण रोकने और तस्वीर के अपमान के खिलाफ हिंदू समुदाय सड़कों पर उतर गया है। लोगों में इस बात को लेकर बेहद नाराजगी देखने को मिल रही है। इस दौरान गिरफ्तारी और निर्माण बहाली की मांग की गई। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बड़े पैमाने पर हिंदू प्रदर्शन कर रहे हैं। यह नया तनाव उत्तरी गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण कार्य रोके जाने के कुछ दिनों बाद पैदा हुआ है। इस्लामिक कट्टरपंथियों इस रंगपुर में लगने वाली भगवान राम की मूर्ति का विरोध कर रहे हैं।
इस घटना ने मुस्लिम-बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। हिंदुओं का यह प्रदर्शन उत्तरी गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी में भगवान राम की 81 फुट ऊंची मूर्ति के निर्माण पर रोक लगाए जाने के कुछ दिनों बाद आया है। इस प्रोजेक्ट को चलाने वाली ‘श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति’ का दावा है कि अधिकारियों को इस्लामी समूहों से धमकियां मिली थीं।
मशाला रैली का आयोजन प्रदर्शनकारियों ने नेशनल म्यूजियम एरिया से नेशनल प्रेस क्लब तक हाथों में मशालें लेकर मार्च किया। उन्होंने न्याय और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए नारे लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा है की शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। उन लोगों ने कहा है कि अगर भगवान राम की मूर्ति का निर्माण फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में एक-एक करके राम मंदिर बनाएंगे।










