रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की कार्ययोजना में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास को प्रमुखता दी जाए। इसके लिए कम से कम दो वर्ष का सुनियोजित रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों को विशेष प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
राज्यपाल रमेन डेका ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित बैठक में डीएमएफ की गतिविधियों, खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों और आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीएमएफ से आवश्यक कार्य कराए जाएं। इसके साथ ही पर्यावरणविदों का सहयोग लेकर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यावरणीय मानकों और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
## वैज्ञानिक तरीके से हो रेत का उत्खनन
नदियों से रेत उत्खनन के मुद्दे पर राज्यपाल ने वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रेत और पानी एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने रेत खदानों में वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
## जनता की जरूरतों के अनुसार बने डीएमएफ की कार्ययोजना
राज्यपाल ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे आम जनता से सीधा संवाद कर उनकी जरूरतों और प्राथमिकताओं को समझें। इसी आधार पर डीएमएफ की कार्ययोजना तैयार की जाए। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए। उन्होंने प्रशासन को जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी स्पष्ट रूप से साझा करने को कहा। साथ ही डीएमएफ की नियमित बैठकें आयोजित कर स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा और जरूरी निर्णय समय पर लेने के निर्देश दिए।
## खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं को दें प्राथमिकता
राज्यपाल ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही डीएमएफ के निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
## बस्तर में विकास और पुनर्वास कार्यों पर विशेष जोर
राज्यपाल ने बस्तर क्षेत्र में डीएमएफ के माध्यम से विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा में लौट चुके लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनके पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि वे विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
## विशेष पिछड़ी जनजातियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
खनन प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण को लेकर भी राज्यपाल ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने इन समुदायों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवनशैली में सुधार के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जानी चाहिए।
राज्यपाल ने डीएमएफ के कार्यों के तहत मनरेगा की तर्ज पर स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण कार्य वास्तव में पूरे हुए हैं और उनका लाभ स्थानीय लोगों को मिल रहा है।
## विस्थापित परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश
बैठक में राज्यपाल ने खनन गतिविधियों के कारण विस्थापित हुए परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित और विस्थापित परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने डीएमएफ की गतिविधियों और संचालित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल 2.0 के माध्यम से प्रत्येक परियोजना और विकास कार्य की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। पोर्टल के जरिए स्वीकृत कार्यों की स्थिति और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी भी की जा रही है।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, खनिज विभाग के अधिकारी और खनन प्रभावित विभिन्न जिलों के कलेक्टर उपस्थित रहे।










