रायपुर। मीडिया कलेक्टिव फॉर चाइल्ड राइट्स (MCCR) ने राज्य में बच्चों पर COVID19 के प्रभाव को उजागर करने के लिए मीडिया फेलोशिप की घोषणा की है। MCCR राज्य में बाल अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी वकालत करने के लिए संपादकों, पत्रकारों, नीति निर्धारकों, बाल अधिकार अधिवक्ताओं और नागरिक समाज समूहों का एक नेटवर्क है।
छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ कार्यालय के संचार अधिकारी श्याम सुधीर बंदी का कहना है कि – यह एक तथ्य है कि किसी भी आपदा या महामारी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। COVID19 की प्रतिक्रिया और पुनर्वास योजना में बच्चों की ज़रूरतों और समस्याओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इस वर्ष फैलोशिप का उद्देश्य बच्चों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना और उन पर पड़ रहे महामारी के प्रभाव को कम करना है।
MCCR फेलोशिप के अंतर्गत COVID-19 संकट से उत्पन्न होने वाले खतरों, विशेष तौर पर बच्चों के सामने आने वाले जोखिमों, का दस्तावेजीकरण और रिपोर्टिंग की जाएगी, और साथ ही बच्चों की सीखने की प्रक्रिया जारी रखने, उन्हें पौष्टिक भोजन और स्वच्छ सुरक्षित माहौल देने की दिशा में भी प्रयास किये जाएंगे । विशेष रूप से सबसे कमजोर बच्चों की भलाई के लिए समुदाय के नेताओं, सोशल इन्फ्लुएंसर्स और सिविल सोसाइटी संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों द्वारा उठाए गए ठोस कदमों और सफलता की कहानियों को फेलोशिप के तहत उजागर किया जाएगा।
नरेंद्र यादव, टीम लीडर, MCCR ने कहा – सार्वजनिक मंच पर बच्चों और युवाओं से जुड़े मुद्दों की सार्थक चर्चा सुनिश्चित करना ही MCCR फेलोशिप का मुख्य उद्देश्य है। हर साल MCCR फैलोशिप के माध्यम से पत्रकारों को बच्चों और युवाओं से संबंधित मुद्दों पर लिखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। MCCR एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहा विभिन्न हितधारकों से रचनात्मक रूप से जुड़कर बच्चों से सम्बंधित समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाता है।
दीपांकर खोबरागड़े (राजनांदगांव), दाक्षि साहू (दुर्ग), राजेश सोनी (सूरजपुर), राजेंद्र साहू (दुर्ग), पप्पू जायसवाल (कोरिया), मुकेश नायक (जशपुर), श्रीपाद राय (बैकुंठपुर), अशोक दास (बस्तर), अजाज खान (जशपुर), और लेखराम सोनवानी (दुर्ग) का चयन इस वर्ष MCCR फेलोशिप के लिए किया गया है।
मीडिया कलेक्टिव फॉर चाइल्ड राइट्स (MCCR) के बारे में
मीडिया कलेक्टिव फॉर चाइल्ड राइट्स (MCCR) छत्तीसगढ़ राज्य में पत्रकारों, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं और प्रभावितों का एक समूह है जो बाल अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी वकालत करने हेतु पप्रयासरत है। यूनिसेफ और सीएमएसआर फाउंडेशन द्वारा समर्थित और वर्ष 2016 में
स्थापित, एमसीसीआर सभी संबंधित हितधारकों के साथ सार्थक और रचनात्मक जुड़ाव के माध्यम से बाल अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने, बच्चों से जुड़े मुद्दों को उजागर करने, उनकी रक्षा करने की दिशा में प्रयास करता है।










