स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने फिर दोहराया कि हमें हिन्दू राष्ट्र नहीं राम राज्य चाहिए। वह तीन दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी कवर्धा पहुंचे थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से कई विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने हिंदू राष्ट्र, रामराज्य, इतिहास, धर्म परिवर्तन सहित कई मुद्दों पर बात की।
देश में हिंदू राष्ट्र और रामराज्य को लेकर किए गए सवाल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कुछ लोग हिंदू राष्ट्र की बात कर रहे हैं तो कुछ लोग रामराज्य की बात। हम न किसी का समर्थन कर रहे और न ही विरोध। धर्मसम्राट करपात्री जी से जब हिंदू राष्ट्र की बात कही थी तब उन्होंने हिंदू राष्ट्र से अच्छा रामराज्य होने की बात भी कही थी।
उन्होंने कहा कि जब हमारा देश आजाद हो रहा था, तब लोगों के मन में ये टीस थी कि हमारा एक टुकड़ा इस्लाम हो रहा है। उस समय करपात्री जी महाराज ने कहा था कि हमें हिंदू राष्ट्र नहीं चाहिए, हिंदू राष्ट्र रावण और कंस के समय में भी था, लेकिन उस समय प्रजा दुखी थी। हमें वह राज्य चाहिए, जिसमें प्रजा सुखी हो। ऐसा राज्य एकमात्र राम राज्य है। हम रामराज्य की मांग करते हैं, वही करते रहेंगे।










