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आज बसंत पंचमी, अपनाएं इन उपायों को

रायपुर। बसंत पंचमी माघ महीने की शुक्लपक्ष की पंचमी के दिन मनाई जाती है। बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा करने सरस्वती माँ का आशिर्वाद मिलता है। इस दिन लोग माँ से विद्या और वाकपटुता की प्रार्थना करते है।

बसन्त पंचमी बसंत ऋतु में मनाई जाती है , बसंत प्रेम का हर्ष उल्लास का समय है और कुछ इसे भारत का वैलेंटाइन डे भी कहते है।आज का दिन प्रेम, दोस्ती के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है । इस दिन माँ सरस्वती के साथ कामदेव और रति की भी पूजा की जाती है। इससे दाम्पत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है , दामपत्य जीवन लम्बा और सुखमय होता है ।

शास्त्रों के अनुसार वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती के विशेष पूजन से कटु वाणी से मुक्ति मिलती है, अध्ययन में सफलता मिलती है व असाध्य कार्य पूरे होते हैं। आज हम आपको बसंत पंचमी के उपाय बता रहे है जिसको करने से अवश्य ही लाभ मिलेगा ।

इस दिन विद्यार्थियों को अपनी किताब और कलम को भगवान के पास रख कर उसकी पूजा भी करना चाहिए ऐसा करने से बच्चों की बुद्धि का विकास होता है।

इस दिन सभी विद्यार्थियों को माँ सरस्वती की पूजा अवश्य ही करनी चाहिए । शास्त्रो के अनुसार सरस्वती देवी की महिमा से, इनकी कृपा से मंदबुद्धि भी महा विद्धान बन सकता है। इसीलिए बसंत पंचमी के दिन प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सरस्वती पूजा अति शुभ मानी गयी है।

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता के चरणों पर गुलाल चढ़ाकर देवी सरस्वती को श्वेत वस्त्र पहनाएं / अर्पण करें। इस दिन पीले फल, मालपुए और खीर का भोग लगाने से माता सरस्वती शीघ्र प्रसन्न होती है ।

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बसंत पंचमी के दिन “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महा सरस्वत्यै नम:” ॥ अथवा “ॐ सरस्वत्यै नम:”॥ मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य ही करे । इससे बुद्दि का विकास होता है, ज्ञान, यश की प्राप्ति होती है ।

बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती को बेसन के लड्डू अथवा बेसन की बर्फी, बूंदी के लड्डू अथवा बूंदी का प्रशाद चढ़ाएं ।

बसंत पंचमी के दिन अध्ययन में श्रेष्ठ सफलता प्राप्ति के लिए देवी सरस्वती पर हल्दी चढ़ाकर उस हल्दी से अपनी पुस्तक पर “ऐं” लिखें।

बसंत पंचमी के दिन कटु वाणी से मुक्ति हेतु, वाणी में मधुरता लाने के लिए देवी सरस्वती पर चढ़ी शहद को नित्य प्रात: सबसे पहले थोड़ा से अवश्य चखे ।

बसंत पंचमी के दिन किसी भी असाध्य कार्य पूरा करने हेतु देवी सरस्वती पर मोर पंख चढ़ा कर उस मोरपंख को तिजोरी में छुपाकर रखें।

बसन पंचमी के दिन से अपने मस्तक पर केसर अथवा पीले चंदन का तिलक करें, इससे ज्ञान और धन में वृद्धि होती है।
बसन्त पंचमी के दिन “मोर का एक पंख” अपने पास रखे इस दिन इसे अपने पास रखने से स्कूल कॉलेज में उस विद्यार्थी का मान सम्मान बढ़ता है।

बसन्त पंचमी के दिन “सिद्ध अष्ट सरस्वती यंत्र” गले में धारण करने से विद्यार्थी विद्या – बुद्धि में अत्यंत तेजस्वी हो जाता है।

बसंत पंचमी के दिन गहने, कपड़े, वाहन आदि की खरीदारी आदि भी अति शुभ है । इस दिन यथा संभव ब्राह्मण को दान आदि भी अवश्य ही करना चाहिए।

आज के दिन मंदिरों में सरस्वती देवी के साथ साथ राधा कृष्ण एवं विष्णु लक्ष्मी के दर्शन भी अति फलदायी माने गए है ।

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प्रेम में सफलता के लिए बसंत पँचमी के दिन किसी भी कृष्ण मंदिर में बांसुरी और पान अर्पण करें ।

आज के दिन किसी भी धार्मिक स्थल में अपने प्रेम की सफलता के लिए फूल एवं इत्र चढ़ाएँ ।
भगवान विष्णु और लक्ष्मी के मंदिर या उनकी मूर्ति या फोटो के सम्मुख पीला प्रसाद चढ़ायें और ऐसा इसके बाद से कम से कम 7 गुरुवार तक लगातार करें ।

आज के दिन अपने प्रियतम को लाल,गुलाबी,पीले और सुनहरे पीले रंग की वस्तुओं को उपहार में देना अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।
आज के दिन पीले वस्त्र धारण करें, कन्याएँ पीली चूड़ियाँ पहने और विवाहित स्त्रियाँ भी लाल एवं पीली चूड़ियाँ धारण करें ।

आज पीला वस्त्र, पीले आभूषण अति शुभ माने जाते है इसलिए सभी लोग इन्हे अवश्य ही धारण करें , स्त्रियाँ – कन्याएँ , आभूषणो की जगह पीले फूल, पीली आर्टिफिशियल जवैलरी भी धारण कर सकती है।

बसंत पंचमी में आप अपने व्यापारिक साझेदार व पार्टनर को कलम, फूलों का गुलदस्ता, अच्छा इत्र अथवा खूबसूरत फोटो फ्रेम जिसमें आप दोनों का हँसता-मुस्कुराता फोटो लगा हो उपहार में दें आप लोगो की साझेदारी और भी प्रगाढ़ रहेगी ।
आज के दिन खाने में पीली वस्तुओं का सेवन करें। आज मेवे युक्त पीले मीठे चावल का भगवान को मंदिर में भोग लगाकर उसे खाएं और अपने प्रियजनों को भी खिलाएं।

बसंत पँचमी के दिन आप अपने सभी बड़े, परिचितों, और गुरुओं के प्रति सम्मान अवश्य ही व्यक्त करें । उनके पास जाकर अभिवादन करें अगर हो सके तो उन्हें कोई उपहार या फूल ही दें, उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें । यह सच्चे मन से बताएँ की वह आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है । इससे माँ सरस्वती की कृपा मिलती है यश कीर्ति बढ़ती है ।

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