रायपुर, 31 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर विजन और राज्य की प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में बस्तर के कायाकल्प, औद्योगिक निवेश और जनकल्याण योजनाओं के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। इनमें राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना, 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने की योजना और रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना शामिल है।
बस्तर में बदलाव की नई कहानी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की संयुक्त रणनीति से बस्तर तेजी से बदल रहा है। जो क्षेत्र कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित था, वह अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली और पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसी योजनाओं के माध्यम से 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
461 गांवों को मिलेगी स्थायी बिजली
मुख्यमंत्री ने ऐसे 461 गांवों का मुद्दा उठाया जहां अब तक ग्रिड बिजली नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने इन क्षेत्रों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र से विशेष सहायता मांगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
₹10,500 करोड़ यूरिया परियोजना पर जोर
राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित यूरिया परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया। इस परियोजना से किसानों को उर्वरक उपलब्धता में सुधार के साथ रोजगार और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
आयुर्वेद संस्थान से बढ़ेगी स्वास्थ्य और रिसर्च क्षमता
साय ने रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इससे पारंपरिक चिकित्सा और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा सुधार
बस्तर में बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। साथ ही ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी
जगदलपुर-रावघाट रेललाइन, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और इंद्रावती नदी पर बैराज परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट बस्तर की तस्वीर बदल रहे हैं। इनसे कृषि, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
औद्योगिक नीति 2024-30 के बाद राज्य को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, बीपीओ और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी मिशन
राज्य में 10.42 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री को आमंत्रित भी किया।
AI मिशन और डिजिटल गवर्नेंस
₹500 करोड़ के एआई मिशन के जरिए छत्तीसगढ़ तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं।










