मरवाही में फिर भालुओं के हमले का गंभीर मामला सामने आया है। हरेली का त्योहार मनाने के लिए जंगल में तेंदु की लकड़ी तोड़ने गए तीन ग्रामीणों पर भालुओं ने हमला कर दिया। इस हमले एक की मौत हो गई तो वहीं दो अन्य घायल हो गए।
मरवाही रेंज के बदरौड़ी के छबिलाल गोंड़, संतलाल और सिवनी के रहने वाले घासीराम गोंड़ हरयाली अमावस्या त्योहार मनाने के लिये तेंदू की लकड़ी लेने के लिये जंगल गये थे। सिवनी और बदरौड़ी के बीच कोकड़टोला के जंगल में इनका सामना भालुओं से हो गया, जिसके बाद तीनों ने भालुओं से मुकाबला करने का प्रयास किया, पर भालू काफी आक्रामक थे और इस घटना में ग्रामीण छबि लाल की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि संतलाल और घासीराम गंभीर रूप से घायल हो गये। दोनों को 108 एंबुलेंस की मदद से मरवाही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। जबकि एक को गंभीर रूप से घायल होने पर बिलासपुर रिफर किया गया है।
मरवाही डीएफओ रौनक गोयल ने इस घटना की पुष्टि की है। इसके पहले भी 30 जुलाई को मरवाही रेंज के ही रटगा गांव में पति पत्नि पर भालू ने हमला कर दिया था। जंगल में लगातार हो रहे उत्खनन और कटाई के चलते भालू लगातार हिंसक हो रहे हैं। वहीं मरवाही वनमंडल के अधिकारियों का इसे रोकने में लापरवाह और गैर जिम्मेदाराना रवैया सामने आ रहा है। लोगों सहित मीडिया ने भी इस मामले में मरवाही रेंजर और एसडीओ से संपर्क करने का प्रयास किया, पर फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा जबकि मरवाही डीएफओ ने फोन पर घटना की पुष्टि किया है। वहीं मरवाही रेंजर के गैर जिम्मेदाराना रवैये के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की जा रही है। वहीं आज हरेली त्योहार के दिन घटी इस घटना से गांव में मातम पसर गया है।










