बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में पारासेल द्वीपों के आसपास अमेरिकी युद्धपोत की उपस्थिति पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। यह चेतावनी चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है।
अमेरिकी नौसेना की ओर से दक्षिण चीन सागर में विवादित पारासेल द्वीपों के आसपास दूसरे दिन विध्वंसक भेजे जाने के बाद चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता टैन केफेई ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत की कार्रवाई चीन की सुरक्षा और संप्रभुता का उल्लंघन है। यह अंतरराष्ट्रीय नियम का भी घोर उल्लंघन है।
टैन ने कहा कि गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर यूएसएस मिलियस चीन की सरकार की मंजूरी के बिना फिर से चीन के प्रादेशिक जल क्षेत्र में घुस गया था, जिससे दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचा है। अमेरिका द्वारा गुरुवार को गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रावयर को पारासेल द्वीप समूह के पास भेजे जाने के बाद चीन ने कहा कि उसकी नौसेना और वायु सेना ने अमेरिकी पोत को अपने क्षेत्र से बाहर कर दिया था।
वहीं, सातवें फ्लीट के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जे जी लुका बाकिक ने कहा कि युद्धपोत ने पारासेल द्वीप समूह के पास दक्षिण चीन सागर में नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता पर जोर दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है। युद्धपोत ने वह किया जिसे अमेरिकी नौसेना नेविगेशन आपरेशन की स्वतंत्रता कहती है।










