रायपुर, 10 मार्च 2026।राज्य विधानसभा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अधीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, जेल तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित हो गया। इस बजट में ग्रामीण विकास, आवास, सड़क, पुलिस व्यवस्था और विज्ञान अनुसंधान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद पहली बैठक में ही आवासहीन लोगों के लिए 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। पिछले दो वर्षों में एसईसीसी 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
ग्रामीण विकास और आवास योजनाओं पर बड़ा फोकस
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 560 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के 33,255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 19,199 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत विशेष परियोजना के माध्यम से 15 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति दी जा चुकी है और 15 हजार से आवास पूरे हो चुके हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।
सड़क और कनेक्टिविटी के लिए हजारों करोड़ का प्रावधान
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत 774 सड़कों के निर्माण से 781 बसाहटें लाभान्वित होंगी। इसके लिए 2237.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
सड़कों की पारदर्शिता और जानकारी के लिए निर्माणाधीन तथा निर्मित सड़कों पर क्यूआर कोड आधारित सूचना बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं, जिससे नागरिक सीधे सड़क परियोजना की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
रोजगार, स्वच्छता और आजीविका मिशन के लिए बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 4265 करोड़ रुपये और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 850 करोड़ रुपये तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के लिए 8.75 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
पुलिस विभाग को मिला 7721 करोड़ रुपये का बजट
गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस विभाग के लिए 7721.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसमें राजस्व व्यय के तहत 7130.48 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय के तहत 590.53 करोड़ रुपये शामिल हैं।
आधुनिक अपराध और साइबर अपराध की जांच के लिए नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आधुनिक आईटी सेंटर स्थापित किया जाएगा। साथ ही बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सक्ती और बलरामपुर जिलों में 5 नए साइबर थाने बनाए जाएंगे।
राजधानी रायपुर में लागू पुलिस आयुक्त प्रणाली के संचालन के लिए 67 नए पद, जबकि रायपुर ग्रामीण पुलिस जिले के लिए 251 नए पदों का प्रावधान किया गया है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था मजबूत
नक्सल प्रभावित जिलों में 15 नए पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 975 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 8 पुलिस चौकियों को थाना में उन्नत किया जाएगा और कई थानों में अतिरिक्त बल की नियुक्ति की जाएगी।
इसके साथ ही बस्तर फाइटर बल के लिए 1500 नए पद, आतंकवाद निरोधक दस्ता के लिए 325 पद और विशेष सुरक्षा इकाइयों के लिए भी कई नए पदों का प्रावधान किया गया है।
जेलों का हो रहा आधुनिकीकरण
प्रदेश के चार केंद्रीय जेलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर को आईएसओ 9001:2015 प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। जेलों में बंदियों को परिजनों और वकीलों से संवाद की सुविधा देने के लिए 16 जेलों में प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा 21 जेलों में 31 नए बंदी बैरकों के निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपय तथा जेल भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ का बजट
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके तहत प्रदेश के शोधार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों से परिचित कराने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरू किया जाएगा।
सूरजपुर जिले के मायापुर में कर्क रेखा पर 6.65 करोड़ रुपये की लागत से एस्ट्रो साइंस सेंटर स्थापित किया जाएगा। साथ ही सरगुजा, बलरामपुर, बस्तर, जशपुर और रायगढ़ जिलों में नए साइंस पार्क बनाए जाएंगे।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए **मोबाइल साइंस लैब भी शुरू की जाएगी।
विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई विधायकों ने अपने विचार रखे।










