पंजाब में किसान लोकसभा चुनाव लड़ रहे बीजेपी के उम्मीदवारों का लगातार विरोध कर रहे हैं। गत दिन गुरदासपुर में बीजेपी उम्मीदवार दिनेश बब्बू को भी किसानों के एक समूह के विरोध का सामना करना पड़ा। यह दूसरी बार था जब दिनेश बब्बू किसानों का विरोध झेलना पड़ा। इससे पहले 21 अप्रैल को बटाला में भी उन्हें किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा था।
गुरदासपुर के सठियाली गांव में बीजेपी उम्मीदवार दिनेश बब्बू चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस दौरान किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाते हुए कई सवाल पूछे. साथ ही प्रदर्शनकारी किसानों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना भी की। प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली तक मार्च नहीं करने देने और उनके खिलाफ बल प्रयोग करने पर भी दिनेश बब्बू को घेरा। प्रदर्शनकारी किसानों ने सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं देने पर सरकार की निंदा भी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे।
गौर हो कि चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी उम्मीदवारों और नेताओं को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बीजेपी के फरीदकोट से उम्मीदवार हंस राज हंस, अमृतसर से उम्मीदवार तरनजीत सिंह संधू और पटियाला से उम्मीदवार परनीत कौर को भी किसानों का गुस्सा झेलना पड़ा था। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) पहले ही कह चुका है कि वह बीजेपी के उम्मीदवारों का विरोध करेगी और लोगों से आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी को सबक सिखाने के लिए कहेगी। विभिन्न कृषि संगठनों के प्रति निष्ठा रखने वाले किसान एमएसपी और कृषि ऋण की कानूनी गारंटी सहित उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करने के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से नाराज हैं।
बता दें कि पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए 1 जून को मतदान होगा।









