रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर के मेफेयर रिसॉर्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह नीति रोजगारपरक है और विकसित भारत की परिकल्पना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,000 से अधिक युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जाएंगी। इसके अलावा, युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण के लिए प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपये प्रतिमाह का अनुदान देने का प्रावधान भी किया गया है।
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नई नीति के तहत पहली बार पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्रों में निवेश को भी बढ़ावा देने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की भौगोलिक स्थिति और आधुनिक आवागमन के साधनों को देखते हुए छत्तीसगढ़ को देश का ‘हेल्थ हब’ बनाने का लक्ष्य है।
उद्योग क्षेत्र के विकास के लिए जगदलपुर के निकट 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए अब 15 एकड़ भूमि की अनुमति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने युवा अग्निवीरों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक रुपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार की कोशिश है कि उद्योग संचालन में न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप हो और प्रक्रियाएं सेल्फ सर्टिफिकेशन या ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकें।
लॉन्च कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और उद्योगपति उपस्थित रहे। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
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नीति के विशेष प्रावधान:
औद्योगिक नीति 2024-30 से अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। नीति में 1,000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान है। अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीरों, भूतपूर्व सैनिकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन रखा गया है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को भारत सरकार की परिभाषा के अनुरूप प्रोत्साहन दिया जाएगा। नीति में सेवा क्षेत्र के लिए अलग प्रोत्साहन का प्रावधान है, जिसमें इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य, पर्यटन और मनोरंजन शामिल हैं।
विशिष्ट उद्योग जैसे फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल्स, कृषि प्रसंस्करण, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर के लिए विशेष पैकेज शामिल हैं। ग्रीन उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए पर्यावरण संरक्षण, जल और ऊर्जा दक्षता जैसे उपायों को भी नीति में शामिल किया गया है।










