रायपुर। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से शुरू होने जा रही है। प्रदेश सरकार ने धान खरीदी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस सीजन के लिए 27 लाख 1 हजार 109 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें 1 लाख 35 हजार 891 नए किसान शामिल हैं। इसके अलावा 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नए रकबे का पंजीकरण भी हुआ है।
सभी केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाइस से धान की खरीदी की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बड़े किसानों की फसल का समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। 7 नवंबर से टोकन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें लघु एवं सीमांत किसान अधिकतम 2 और बड़े किसान 3 टोकन के पात्र होंगे।
धान खरीदी की अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक रहेगी। इस दौरान किसान अपने निर्धारित केन्द्रों पर धान विक्रय कर सकते हैं। तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। समयानुसार धान के उठाव के लिए मिलर्स और परिवहनकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं। सभी केन्द्रों पर बारदाने, छांव, पानी आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
उपार्जन केन्द्रों में शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। विपणन संघ मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका नंबर 0771-2425463 है। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मार्कफेड ने आवश्यक राशि की व्यवस्था की है। समितियों में माइक्रो एटीएम की सुविधा भी दी गई है ताकि किसानों को आसानी हो। धान बेचने के 72 घंटे के भीतर भुगतान किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा।
खाद्य मंत्री के निर्देश पर बोगस खरीदी और धान रिसाइक्लिंग पर नियंत्रण के लिए राज्य स्तरीय टीमों द्वारा विशेष योजनाएं बनाई गई हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जाएगी और चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी गई है और एनआईसी के मोबाइल ऐप से गिरदावरी खसरे का सत्यापन जारी है।
मार्कफेड ने राज्य स्तर पर कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया है, जो राइस मिल और उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखेगा। राज्य स्तरीय जांच टीमों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो खरीदी प्रक्रिया की नियमित जांच करेंगी। विभागीय मंत्री ने निर्देशित किया है कि राज्य स्तरीय अधिकारी आवंटित जिलों में तीन बार निरीक्षण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
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