छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: समावेशी विकास से आर्थिक गति तक सरकार का खाका
छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में सरकार ने GYAN और GATI को आगे बढ़ाते हुए SANKALP के सात प्रमुख स्तंभों पर विशेष जोर दिया है। इस बजट का लक्ष्य समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार, निवेश प्रोत्साहन, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड सृजन और पॉलिसी से परिणाम सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार ने आर्थिक असमानता को कम करने और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग पर फोकस करते हुए कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है।
समावेशी विकास: बस्तर और सरगुजा पर विशेष ध्यान
समावेशी विकास के तहत पिछड़े क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री बस सेवा के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, किफायती और सुलभ पहुंच वाला बनाना है। इससे ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
अधोसंरचना निर्माण: सड़क और एयर कनेक्टिविटी पर जोर
अधोसंरचना के तहत छ्रुतगामी सड़क योजना को आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इस योजना से प्रमुख आर्थिक केंद्र आपस में जुड़ेंगे, जिससे व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही यात्री उड़ानों की पुनः शुरुआत से एयर कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ट्रैवल टाइम कम होगा। इससे उद्योग, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है।
निवेश: उद्योगों को प्रोत्साहन और क्रिटिकल मिनरल पर फोकस
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी में तीन गुना वृद्धि की घोषणा की गई है। इससे नए निवेश और रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
राज्य में क्रिटिकल मिनरल की खोज और दोहन पर विशेष जोर दिया गया है। यह कदम छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक हो सकता है और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कुशल मानव संसाधन: शिक्षा और कौशल विकास में निवेश
उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए पांच महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। ये संस्थान नवाचार और शोध को बढ़ावा देंगे।
उच्च शिक्षा में 731 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।
अंत्योदय: जनजातीय संस्कृति और प्रवासी मजदूरों के लिए पहल
जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सुरगुडी स्टूडियो की पहल की गई है।
नया रायपुर में प्रवासी मजदूर आवासीय परिसर की स्थापना से श्रमिकों को आवास सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
लाइवलीहुड: गांव, कृषि और महिला सशक्तिकरण पर जोर
लाइवलीहुड के तहत सरकार ने ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन और ग्रामोद्योग को प्राथमिकता दी है। पलायन रोकने और गांवों में रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना और स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। छोटे उद्योगों और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
पॉलिसी से परिणाम: ई-गवर्नेंस और वित्तीय अनुशासन
शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए ई-फाइल और बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है। योजनाओं की निगरानी के लिए अटल मॉनिटरिंग पोर्टल की स्थापना की गई है।
बजट 2026-27 में कुल प्राप्तियां 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये और कुल विनियोग 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये निर्धारित है। राज्य का सकल वित्तीय घाटा 28,900 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.87 प्रतिशत है। यह पिछले बजट अनुमान 2.97 प्रतिशत की तुलना में कम है, जो वित्तीय अनुशासन की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।









