रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा उन राजनीतिक दलों से है, जिन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बार-बार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया, विपक्षी नेताओं को जेल में डाला और मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया, वही आज लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है। यह कांग्रेस की दोहरी राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुधवार को जशपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास, चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।
आपातकाल और चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का इतिहास याद दिलाया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश के प्रति उसके रवैये को उजागर करता है। आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने कई अवसरों पर संविधान के अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर जनता द्वारा चुनी गई गैर-कांग्रेसी सरकारों को बर्खास्त किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने का इतिहास रखने वाली कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का आज लोकतंत्र की रक्षा की बात करना राजनीतिक विरोधाभास है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि लोकतंत्र बचाने का दावा करने वाले दलों का अपना राजनीतिक इतिहास क्या रहा है।
चुनाव हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर उठाती है सवाल
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव परिणाम विपक्ष के पक्ष में नहीं आते, तब वोट चोरी, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
साय ने कहा कि कांग्रेस की दोहरी नीति का उदाहरण यह है कि जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में आते हैं, तब उसी ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर भरोसा जताया जाता है। लेकिन जनता के नकारने पर हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने की कोशिश होती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति दोहरा रवैया और राजनीतिक हताशा बताया।
जशपुर में निकलेगी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की कथित दोहरी राजनीति को जनता के सामने उजागर करने के उद्देश्य से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। जनता को यह समझना जरूरी है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की बात करने वाले राजनीतिक दलों का अतीत और वर्तमान में इन संस्थाओं के प्रति क्या रवैया रहा है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में सीबीआई पूछताछ से खुल सकते हैं बड़े राज
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को विदेश से भारत लाया गया है। अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) उससे पूछताछ करेगी। इस पूछताछ से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने संभावना जताई कि जांच के दौरान इस अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है। उन्होंने कहा कि पूछताछ के बाद इस पूरे मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
सौरभ चंद्राकर को हीरो बताने पर अमित जोगी को घेरा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौरभ चंद्राकर को लेकर अमित जोगी के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। अमित जोगी द्वारा सौरभ चंद्राकर को हीरो बताए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बयान संबंधित नेताओं की सोच और मानसिकता को उजागर करते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को हीरो बताने की कोशिश की जा रही है, उसके पीछे कैसी सोच काम कर रही है, इसका आकलन प्रदेश की जनता स्वयं कर सकती है।










