नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने इस केस में यंग इंडिया की 751.9 करोड़ रुपये की संपति अटैच कर दी है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े यंग इंडिया के खिलाफ ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में की गई है। ईडी द्वारा संलग्न संपत्तियों की सूची में दिल्ली में नेशनल हेराल्ड का घर, लखनऊ में नेहरू भवन और मुंबई में नेशनल हेराल्ड हाउस शामिल है। इसी केस में ED ने 3 अगस्त 2022 को दिल्ली की हेराल्ड बिल्डिंग में स्थित यंग इंडिया कंपनी का ऑफिस सील कर दिया था।
बता दें कि एजेंसी इस मामले में पहले भी सोनिया और राहुल गांधी से पूछताछ कर चुकी है। 21 जुलाई 2022 में नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी से 3 दिन में 12 घंटे सवाल हुए थे। इस कंपनी में सोनिया-राहुल की 76% हिस्सेदारी है। इसी केस में ED ने 3 अगस्त 2022 को दिल्ली की हेराल्ड बिल्डिंग में स्थित यंग इंडिया कंपनी का ऑफिस सील कर दिया था। पिछले साल 2 और 3 अगस्त को ED की टीम ने नेशनल हेराल्ड के दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये कार्रवाई सोनिया और राहुल से पूछताछ के बाद की गई थी।
जांच एजेंसी ने बयान जारी कर कहा कि सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछताछ की थी और उनके बयान दर्ज किए थे। इसी के आधार पर कार्रवाई की गई। जांच से पता चला कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के पास दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में 661.69 करोड़ की अवैध संपत्तियों में यंग इंडिया का कब्जा है। इसके अलावा AJL ने इसमें 90.21 करोड़ की अवैध आय निवेश किया है। इसी प्रॉपर्टी को अटैच किया गया है।
गौर हो कि नेशनल हेराल्ड केस का मामला सबसे पहले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में उठाया था। अगस्त 2014 में ED ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इस केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को आरोपी बनाया गया था।










