हर सनातनी को अपनी दिनचर्या में कुछ चीज शामिल करनी चाहिए इसमें सबसे पहले उन्हें अपने घर में तुलसी की स्थापना करनी चाहिए। तुलसी स्थापित करने के साथ अपने नियमित दिनचर्या में यह शामिल करना चाहिए कि उन्हें रोज एक पत्ती तुलसी की सेवन भी करना है, लेकिन हमेशा यह ध्यान रहे की तुलसी को कभी भी चबाना नहीं चाहिए यह कहना है आचार्य युवराज पांडे का।

आचार्य युवराज पांडे के अनुसार हर हिंदू धर्म मानने वालों को रोज तुलसी की पत्ती के साथ-साथ गंगाजल का भी सेवन करना चाहिए। इससे हमारी शरीर की शुद्धि के साथ-साथ आत्मा की शुद्धि भी होती है। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई भी व्यक्ति रोज तुलसी की एक पत्ती, गंगाजल की कुछ बूंद का सेवन करे तो इससे उसके शरीर की नकारात्मक चीज दूर हो जाती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह शरीर में हो जाता है। आचार्य युवराज ने बताया की धार्मिक मान्यता के अनुसार यह भी माना जाता है कि अगर तुलसी का पत्ता और गंगाजल की कुछ बूंद शरीर के अंदर है तो इससे मृत्यु होने पर सीधा मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत पवित्र स्थान में रखा गया है। वहीं अगर भगवान श्री कृष्ण और भगवान जगन्नाथ के प्रिय भोग की बात करे तो इसमें सबसे पहला नाम तुलसी का ही आता है। इस लिए हर हिंदू धर्म को मानने वालों के घर में तुलसी का पेड़ जरूर होना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अलावा तुलसी के पत्ते में ऐसे कई औषधीय गुण होते हैं जो कई बीमारियो में दावा के रूप में कारगर साबित होते हैं।
महाप्रसाद का है विशेष महत्व
आचार्य युवराज पांडे के अनुसार हमारे जीवन में महाप्रसाद का विशेष महत्व है। उनके अनुसार भगवान में चढ़ाए हुए हर प्रसाद को प्रसाद कहा जाता है लेकिन भगवान जगन्नाथ में चढ़ाए हुए प्रसाद को ही महा प्रसाद कहा जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी जगन्नाथ मंदिर में मिलने वाले महाप्रसाद को लेकर घर में जरूर रखना चाहिए और उसकी एक-एक दाने को रोज खाना चाहिए इससे शरीर शुद्ध और निरोगी रहता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महा प्रसाद से जुड़ी कुछ किदवंती के अनुसार अगर जगन्नाथ मंदिर का महाप्रसाद भंडार गृह में या किसी के भी घर में उसे स्थान पर रखा गया हो जहां पर अनाज रखा होता है तो वहां मां अन्नपूर्णा की हमेशा असीम कृपा बने रहती है और वहां कभी भी अनाज की कमी नहीं होती।
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