जब हम शब्दों की शुद्धता को अनुभव करते है तो हम जीवन की गहराई को अनुभव करते हैं और जीवन जीना आरंभ कर देते हैं। हम सुबह से रात तक शब्दों को ही जीते हैं। हम इनके पीछे के उद्देश्यों को खोजने में और उद्देश्यता को खोजने में सारे उद्देश्य भूल जाते हैं। यह इतना गंभीर हो जाता है कि हम अपनी रातों की नींद ही खो बैठते हैं।
कभी ये शब्द हमें खुशियां देते हैं तो कभी निराश करने वाली बातें। इस लिए ही कहा जाता है कि शब्दों का प्रयोग हमेशा अच्छा किया जाना चाहिए।









