वृक्षों को देखो, पक्षियों को देखो, बादलों में देखो, सितारों को देखो …और अगर आपके पास आँखें है तो आप यह देखने में सक्षम होगे कि पूरा अस्तित्व आनंदमय है। सब कुछ बस खुश है। पेड़ बिना किसी कारण के खुश हैं ; वे अमीर भी नहीं बनने जा रहे हैं और ना ही कभी उनके पास बैंक बैलेंस होगा…फूलों को देखिये बिना किसी कारण के कितने खुश और अविश्वसनीय है।
हम जो हैं वही हम सोच पाते हैं। हम अपने ढंग से सोचते हैं।
अधिक से अधिक भोले, ज्ञानी और बच्चों की तरह बनिये है। जीवन को मजे के रूप में लीजिये। क्योकि वास्तविकता में यही जीवन है।










