कड़कनाथ मुर्गे भी बने बर्ड फ्लू का शिकार, पांच दिन में 2500 मरे

मध्य प्रदेश में बर्ड फ्लू का कहर शुरू हो गया है। हाल में ही कौओं के बाद अब मुर्गा की प्रसिद्ध प्रजाति कड़कनाथ भी बर्ड फ्लू का शिकार हो गया है। प्रदेश के आदिवासी जिले झाबुआ के रूंडीपाड़ा स्थित निजी केंद्र से लिया गया कड़कनाथ का सैंपल पाजिटिव आया है। गत पांच दिनों में यहां 2500 कड़कनाथ मुर्गे-मुर्गियों और चूजों की मौत हो चुकी है। इसके बाद 300 से अधिक कड़कनाथ को मारकर जमीन में गाड़ दिया है।

बर्ड फ्लू का कहर रोकने के लिए अब एक किलोमीटर क्षेत्र में यह कवायद चलेगी। इस दौरान अंडे भी नष्ट किए जाएंगे। इस बीच पशुपालन विभाग ने प्रदेश भर में पोल्ट्री फार्म संचालकों को अलर्ट कर दिया है। गौर हो कि मुर्गे की इस प्रजाति को संक्रमण से बचाने के लिए काफी जतन किए जा रहे थे। बचाव के चलते इन्हें हल्दी वाला पानी दिया जा रहा था।

संचालक पशुपालन डा. आरके रोकड़े ने बताया कि प्रदेश में पहली बार कड़कनाथ मुर्गे में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके बाद निजी पोल्ट्री फार्म के साथ आसपास के एक किलोमीटर दायरे में आने वाले पोल्ट्री फार्म और घरों में पाले जा रहे मुर्गे-मुर्गियों को मार दिया गया है। एक माह के लिए उस क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म शुरू नहीं किए जाएंगे। इसके बाद 10 किमी के दायरे में सैंपल लेकर जांच की जाएगी। पशुपालन अधिकारियों ने बताया कि दूसरे राज्यों में मुर्गियों में एच5एन1 वायरस ही मिल रहा है। अब सबसे बड़ी चुनौती अन्य पोल्ट्री फार्मों तक संक्रमण पहुंचने से रोकना है।

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क्रिकेटर महेंद्र सिंह धनी को नहीं मिल पाएंगे चूजे

झाबुआ जिले के जिस रूंडीपाड़ा स्थित निजी केंद्र के कड़कनाथ में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, उसी केंद्र को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने दो हजार कड़कनाथ चूजे रांची भेजने का आर्डर दिया था। अब बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद ये चूजे धौनी को नहीं भेजे जा सकेंगे।

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