हिंदू धर्म में की जाने वाली हर पूजा-पाठ के बाद रक्षा सूत्र के रूप में कलावा बांधा जाता है. हिंदू धर्म में कई ऐसी पूजाएं होती हैं, जिनमें पेड़-पौधों को भी कलावा बांधा जाता है. ऐसे बहुत से पेड़ पौधे होते हैं, जो व्यक्ति के जीवन में अहम स्थान रखते हैं. ऐसा माना जाता है कि इन पेड़-पौधों को लगाने और उनकी सेवा करने मात्र से व्यक्ति धन और ऐश्वर्य प्राप्त कर सकता है. यदि बात करें ज्योतिषशास्त्र की तो ज्योतिष शास्त्र में ऐसे पांच पेड़ पौधों के बारे में बताया गया है, जिनमें कलावा बांधने से व्यक्ति धन प्राप्त कर सकता है.
पीपल का पेड़
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को एक पवित्र पेड़ माना गया है. ऐसा माना जाता है कि पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव का वास होता है. इसके अलावा पीपल के पत्तों में समस्त देवी-देवताओं का वास भी माना गया है. हिंदू धर्म शास्त्रों में पीपल के पेड़ की पूजा करने का भी विधान बताया गया है. यदि कोई व्यक्ति मंगलवार और शुक्रवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करके उसमें कलावा बांधे तो ऐसा करने से उसके घर में सकारात्मकता आती है.
तुलसी का पौधा
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है. यह एक अत्यंत पवित्र पौधा माना गया है. तुलसी के पौधे को घर में लगाकर उसका पूजन करने का विधान है. मान्यता के अनुसार, तुलसी का पौधा लगाने से घर का वास्तु दोष दूर होता है. इसके अलावा तुलसी के पौधे के आगे दीपक जलाने से और तुलसी में कलावा बांधने से तुलसी मैया की कृपा भी हमेशा बनी रहती है. ऐसा माना जाता है कि तुलसी में कलावा बांधने से घर परिवार पर कोई विपत्ति नहीं आती.
बरगद का पेड़
हिंदू धर्म शास्त्रों में बरगद के पेड़ की पूजा करने का विधान बताया गया है. बरगद के पेड़ को वटवृक्ष भी कहा जाता है. महिलाएं वट सावित्री व्रत के दौरान बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं. माना जाता है कि बरगद के पेड़ की पूजा करने के बाद उसमें कलावा बांधने से सुहागिन स्त्रियों के सुहाग की रक्षा होती है और अकाल मृत्यु जैसे योग टल जाते हैं.
शमी का पौधा
शमी का पौधा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. इसके अलावा, शमी का पौधा शनिदेव को भी प्रिय है. भगवान शिव और शनिदेव की कृपा पाने के लिए और शनि के दोष से बचने के लिए शमी के पौधे को घर में लगाने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यदि शमी के पौधे को कलावा बांधा जाए तो ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और घर में राहु का दुष्प्रभाव भी कम होता है.
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