अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के बाद इस्कॉन ने बड़ा दावा किया है। इस्कॉन मंदिर कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा कि ट्रंप की जान भगवान जगन्नाथ ने बचाई है। दास ने एक्स पर लिखा कि ठीक 48 साल पहले डोनाल्ड ट्रंप ने जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव को बचाया था। अब उन्हीं की कृपा से ट्रंप की जान बची है। जब पूरी दुनिया जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव मना रही है, ऐसे में ट्रंप पर हमला किया गया। जगन्नाथ ने उन्हें बचाकर एहसान का बदला चुकाया।
दास ने कहा कि जुलाई 1976 में डोनाल्ड ट्रंप ने रथों के निर्माण के लिए मुफ्त में अपना ट्रेन यार्ड देकर इस्कॉन भक्तों को रथयात्रा आयोजित करने में मदद की थी। आज जब दुनिया 9 दिवसीय जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव मना रही है, उन पर यह हमला और उनका बाल-बाल बचना जगन्नाथ के हस्तक्षेप को दर्शाता है।
बता दें कि पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली में ट्रंप के ऊपर फायरिंग हुई थी। इस घटना में ट्रंप के कान से टच होकर गोली निकल गई थी। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने ट्रंप के बाल-बाल बचने को दैवीय हस्तक्षेप बताया। उनके एक्स पर पोस्ट को इस्कॉन कोलकाता मंदिर के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी रीपोस्ट किया गया है। दास ने कहा कि ब्रह्मांड के भगवान महाप्रभु जगन्नाथ की पहली रथ यात्रा 1976 में संयुक्त राज्य अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सहायता से शुरू हुई थी। करीब 48 साल पहले जब इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) न्यूयॉर्क में रथ यात्रा निकालने वाली थी तो काफी चुनौतियां थीं, तब डोनाल्ड ट्रंप ने फिफ्थ एवेन्यू का उपयोग करने की अनुमति थी, जो वास्तव में एक बड़ी बात है।
इस्कॉन की ओर से कहा गया है कि ट्रंप की जान दैवीय कृपा के कारण बच गई, क्योंकि 48 साल पहले ट्रंप ने जगन्नाथ रथयात्रा के लिए उम्मीद जगा दी थी। दास ने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने 1976 में रथों के निर्माण के लिए फ्री में अपना ट्रेन यार्ड मुहैया करवाया था। उनके इस निर्णय से भक्तों को रथयात्रा आयोजित करने में मदद की थी।
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