रायपुर, 18 सितंबर 2024/ छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी योजनाएं न सिर्फ आर्थिक सहायता दे रही हैं, बल्कि राज्य की महिलाओं के सपनों को भी नई उड़ान दे रही हैं। ऐसी ही एक योजना है महतारी वंदन योजना, जिसने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टुंडरी की निवासी दुजेमती सोनवानी के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

दुजेमती सोनवानी, जो एक घरेलू महिला हैं, पहले कभी हवाई यात्रा करने के बारे में सोच भी नहीं पाती थीं। अब इस योजना की मदद से उन्होंने अपने इस सपने को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से मिलती है। दुजेमती ने धीरे-धीरे इस राशि को एकत्रित किया और अपनी पहली हवाई यात्रा की योजना बनाई।

दुजेमती ने रायपुर से जगदलपुर की हवाई यात्रा की और जगदलपुर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। यह यात्रा उनके जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव था। उन्होंने बताया कि बचपन से ही वह हवाई जहाज में सफर करने का सपना देखती थीं, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण यह कभी संभव नहीं हो पाया था।
महतारी वंदन योजना ने न केवल उनके इस सपने को पूरा किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने का भी अहसास दिलाया। उन्होंने बताया कि इस योजना से उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता मिलती है, जिसका उपयोग वे कभी त्योहारों की खरीदारी में करती हैं, तो कभी अपनी यात्रा की इच्छाओं को पूरा करने में।
दुजेमती ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने कई महिलाओं के जीवन में उम्मीद की नई किरण जलाई है। आज वे गर्व महसूस करती हैं कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ पाकर वे अपने सपनों को पूरा कर पा रही हैं। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है।
दुजेमती सोनवानी की यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। महतारी वंदन योजना ने दिखा दिया कि सही योजना और प्रयासों से कोई भी सपना पूरा हो सकता है।
गौरतलब है कि प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए, समाज में महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू की गई है। इसके अंतर्गत विवाहित, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाएं, जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक है, उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत पहले चरण में करीब 70 लाख महिलाओं के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की गई है। मार्च से सितंबर तक 7 माह की सहायता राशि 4578 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।









