रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की टाउनशिप में रहने वाले हजारों परिवारों को आवास किराए में बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का किराया घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह कर दिया है। इस फैसले से करीब 3,946 आवासधारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। खासतौर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इससे बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
बीएसपी प्रबंधन ने 2 नवंबर 2026 को संशोधित किराया दरों का आदेश जारी किया है। इसके तहत रिटेंशन और थर्ड पार्टी, दोनों श्रेणियों के संबंधित आवासों के लिए अब समान रूप से 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह किराया निर्धारित किया गया है। रिटेंशन श्रेणी में किराए की दर में 75 प्रतिशत और थर्ड पार्टी श्रेणी में 25 प्रतिशत की कटौती की गई है।
इस निर्णय के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ और थर्ड पार्टी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक ललित चंद्राकर और रिकेश सेन सहित दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
रिटेंशन आवासों का किराया 24 से घटकर 6 रुपए हुआ
रिटेंशन स्कीम के तहत आने वाले आवासों का किराया पहले 24 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह था। इसे घटाकर अब 6 रुपए कर दिया गया है। इस तरह आवासधारियों को सीधे 75 प्रतिशत की राहत मिलेगी।
उदाहरण के तौर पर 500 वर्गफीट के आवास के लिए पहले हर महीने 12 हजार रुपए किराया देना पड़ता था। नई दर लागू होने के बाद यह राशि घटकर 3 हजार रुपए रह जाएगी। यानी संबंधित आवासधारी को हर महीने 9 हजार रुपए और सालाना 1 लाख 8 हजार रुपए की बचत होगी।
थर्ड पार्टी आवासधारियों को भी 25 प्रतिशत की राहत
थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का किराया पहले 8 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह निर्धारित था। संशोधित आदेश के बाद इसे घटाकर 6 रुपए कर दिया गया है। इससे इस श्रेणी के आवासधारियों को किराए में 25 प्रतिशत की राहत मिलेगी। दोनों श्रेणियों के लिए समान दर लागू होने से किराया व्यवस्था में भी एकरूपता आएगी।
3,946 आवासधारियों को मिलेगा लाभ
संशोधित किराया व्यवस्था से बीएसपी टाउनशिप के कुल 3,946 आवासधारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। इनमें रिटेंशन श्रेणी के 1,158 और थर्ड पार्टी श्रेणी के 2,788 आवास शामिल हैं।
दरअसल, भिलाई इस्पात संयंत्र में वर्षों तक सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए अनेक कर्मचारी सीमित पेंशन और आय के अन्य साधनों पर निर्भर हैं। ऐसे में आवास किराए में हुई वृद्धि उनके लिए आर्थिक परेशानी का कारण बन रही थी। नई दरों से इन परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी और उन्हें घरेलू जरूरतों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध हो सकेगी।
पूर्व अवधि के किराए का भी होगा पुनर्गणना के आधार पर समायोजन
बीएसपी प्रबंधन के संशोधित आदेश में नई किराया दर को पूर्व प्रभाव से लागू करने का प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत संबंधित अवधि के किराए की पुनर्गणना की जा सकेगी। जिन आवासधारियों ने पहले निर्धारित अधिक दर से किराया जमा किया है, उनकी अतिरिक्त जमा राशि के समायोजन की प्रक्रिया विभागीय निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी। यह संशोधित व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक अंतरिम राहत के रूप में प्रभावी रहेगी।
मुख्यमंत्री की पहल पर लंबे समय से लंबित मांग का समाधान
बीएसपी टाउनशिप में आवास किराए में बढ़ोतरी का मुद्दा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों की अलग-अलग किराया दरों और उनसे प्रभावित परिवारों की आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई थी।
मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य प्रभावित परिवारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने पर जोर दिया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई चर्चा में किराया दरों में संशोधन पर सहमति बनी।
बीएसपी प्रबंधन का यह निर्णय उन परिवारों के लिए राहत भरा है, जिन्होंने वर्षों तक भिलाई इस्पात संयंत्र के विकास में योगदान दिया है और सेवानिवृत्ति के बाद भी टाउनशिप में रह रहे हैं। किराए में कटौती से न केवल उनके आर्थिक बोझ में कमी आएगी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही आवास संबंधी समस्या के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










