रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। खेल अधोसंरचना के विकास के लिए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह बात 10 अक्टूबर को रायपुर के जोरा में सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने क्लब के संस्थापकों और उनकी टीम को बधाई दी। इस अवसर पर पद्म भूषण सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद की उपस्थिति को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय बैडमिंटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में गोपीचंद का अहम योगदान रहा है। नवा रायपुर में उनकी बैडमिंटन अकादमी शुरू होने से प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों में निवेश युवा पीढ़ी और प्रदेश के भविष्य में निवेश है। इसी सोच के साथ सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
## बस्तर ओलंपिक में खिलाड़ियों की संख्या बढ़कर 3.91 लाख हुई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने तथा उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का सशक्त माध्यम बन गया है। पहले वर्ष बस्तर ओलंपिक में लगभग 1.65 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग 3.91 लाख हो गई। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी क्षेत्र में खेलों के प्रति उत्साह और सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा अब हिंसा से दूर होकर खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से अपना भविष्य संवारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि सुदूर गांवों में रहने वाली प्रतिभाओं को भी बड़े शहरों के खिलाड़ियों की तरह समान अवसर और बेहतर सुविधाएं मिलें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों का सफल आयोजन किया गया है। प्रदेश के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन की रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अपनी मेहनत और प्रतिभा से प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं।

खेल अधोसंरचना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों के समग्र विकास के लिए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया सहित विभिन्न योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि किसी भी खिलाड़ी को संसाधनों की कमी के कारण अपने लक्ष्य से पीछे न रहना पड़े।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधन और प्रतिस्पर्धा के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकें।
नक्सलवाद से मुक्ति के साथ बस्तर में विकास की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव में लंबे समय तक बस्तर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों का विकास प्रभावित रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक दिशा मिली है। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि इस बदलाव में स्थानीय लोगों के विश्वास और सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, खेल और रोजगार से जुड़ी नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। राज्य सरकार सुशासन और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ आधुनिक तकनीक, उद्योग, सेवा क्षेत्र और मानव संसाधन के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खनिज संपदा, वनोपज, जल संसाधन और ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पास व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश के मेहनतकश लोग इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। इन संसाधनों और क्षमताओं के आधार पर रोजगार, उद्यमिता और निवेश के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति को देश और विदेश के निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में सिंगापुर प्रवास के दौरान डेटा सेंटर और कृषि प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर चर्चा हुई। लगभग 15 बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने को लेकर रुचि दिखाई गई। उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
ई-ऑफिस और डिजिटल सेवाओं से बदल रही प्रशासनिक कार्यसंस्कृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के साथ सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जा सकता है, जिससे आम नागरिकों को समय पर सुविधाएं मिलें। स्वस्थ नागरिक, सशक्त युवा, आधुनिक अधोसंरचना और सुशासन विकसित छत्तीसगढ़ के प्रमुख आधार हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
नवा रायपुर में शिक्षा, तकनीक और आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल खनिज संपदा और भारी उद्योगों तक सीमित नहीं है। प्रदेश में सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और आधुनिक शहरी अधोसंरचना का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। नवा रायपुर इन नई संभावनाओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों की स्थापना के साथ आईआईटी, आईआईएम, एम्स और सीपेट जैसे संस्थान युवाओं को शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि अमरावती और हैदराबाद के बाद पुलेला गोपीचंद द्वारा छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन अकादमी शुरू किया जाना प्रदेश के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नवा रायपुर में डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार अंजोर विजन दस्तावेज के आधार पर दीर्घकालिक विकास की योजनाओं पर काम कर रही है।
स्वस्थ और सशक्त युवा पीढ़ी से साकार होगा विकसित भारत का सपना: पुलेला गोपीचंद
पद्म भूषण सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी और प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में स्वागत के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नवा रायपुर के सुव्यवस्थित विकास की सराहना करते हुए इलेशियम क्लब्स की पहल को खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
गोपीचंद ने कहा कि पिछले दस से बारह वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने वर्ष 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में गौरव और आत्मविश्वास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ी जीत हासिल करते हैं और तिरंगा ऊंचा होता है, तो इससे पूरे देश का आत्मविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और साक्षरता के साथ उनके शारीरिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। बच्चों को दौड़ने, कूदने, चढ़ने और विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। खेलों में निवेश स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज के निर्माण में योगदान देता है।
गोपीचंद ने खेलों में उत्कृष्टता, आधुनिक सुविधाओं और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए ऐसी युवा पीढ़ी जरूरी है, जो शिक्षित होने के साथ स्वस्थ, सक्रिय, अनुशासित और शारीरिक रूप से सक्षम भी हो। इसलिए खेल और स्वास्थ्य को विकास की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रह्लाद राय अग्रवाल, दीपचंद राजलीवाल, पवित्र कुमार, डॉ. हिमांशु द्विवेदी सहित अन्य अतिथि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।










