भदोही। भदोही नगर के मोहल्ला काजीपुर निवासी मो.नसीम अंसारी के बेटे नूर आलम अंसारी को केंद्री खनन मंत्रालय ने राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार-2019 से सम्मानित किया है। मंगलवार 12 जुलाई को उन्हें नई दिल्ली के डा.अंबेडकर अंतराष्ट्रीय केंद्र में संसदीय कार्य, कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति देकर सम्मानित किया।
12 जुलाई को नई दिल्ली के डा.आंबेडकर अंतराष्ट्रीय केंद्र में मिला सम्मान
इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे और अपने उद्बोधन में भूवैज्ञानियों की जमके प्रसंशा की। नूरआलम वर्तमान में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, खान मंत्रालय में बतौर भूवैज्ञानिक पद पर रांची (झारखंड) में पोस्टेड हैं।
नई दिल्ली में सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार उन्हें झारखंड में अपनी टीम के तीन अऩ्य सदस्यों डा.स्नेहलता मुखर्जी, अभिलिप्सा दास व मो.अरकान को खनिज खोज एवं गवेषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है। बताया कि टीम ने भारी मात्रा में बाक्साइट, टिटैनियम और गैलियम तथा अन्य कीमती खनिज पदार्थों की खोज की थी जिसके लिए यह सम्मान मिला है।
नूर आलम ने यह भी बताया कि यह पुरस्कार हर वर्ष राष्ट्रपति के हाथों मिलता है लेकिन संयोग से इस बार राष्ट्रपति चुनाव हो रहा है इसलिए महामहिम कार्यक्रम में नहीं आ सके। पुरस्कार लेने के वक्त भूवैज्ञानिक नूरआलम की पत्नी फखरुन्निसा और उनके बड़े भाई शाहनवाज आलम भी वहां मौजूद रहे। जिनकी खुशी का ठिकाना न रहा।
भदोही में पले, बढ़े और पढ़े भूवैज्ञानिक नूरआलम के पिता मो.नसीम अंसारी सहित पूरे मोहल्ले में इस खबर पर खुशी का माहौल है। उनके पिता ने कहा कि बच्चे जब अपनी पढ़ाई के बल पर इस तरह का पुरस्कार पाते हैं तो खुशी दोगुना हो जाती है। कहा मेरे बेटे का यह पुरस्कार पूरे जनपद के लोगों का है।










