अपनो का साथ बहुत आवश्यक है। सुख हो तो बढ़ जाता है और दुख हो तो बट जाता है। जीवन एक ट्रेन की तरह है जो अकेले नही चल सकती उसमें, इंजन, डिब्बे पटरी और तमाम पुर्जों का बड़ा महत्व होता है।
ऐसा ही रोल हमारे जीवन में हमसे जुड़े दोस्तों का और रिश्तेदारों का भी है, जब ये साथ होते हैं तो हर सुख कई गुना सुकून देने वाला लगता है। उनके जरिए मिलने वाला अपनापन वो ऊर्जा देता है जो हमें किसी चीज से नही मिल सकता।










