- पुसौर विकास की 59 महिलाओं ने आदानी फाउंडेशन के सहयोग से अपनाई आधुनिक तकनीक
रायगढ़, 19 अप्रैल 2025 – रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड की ग्रामीण महिलाएं अब सामूहिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। अदाणी पावर लिमिटेड, रायगढ़ के सीएसआर कार्यक्रम के तहत अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित आजीविका संवर्धन की पहल से इन महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ा गया, जिससे वे सब्जी उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही हैं।

अक्टूबर 2024 से शुरू हुई खेती में साहो किस्म के टमाटर को प्राथमिकता दी गई। अदाणी फाउंडेशन ने मल्चिंग, खाद, उर्वरक, कीटनाशक और उन्नत बीज जैसी सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई। दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच इन महिलाओं ने 74,376 किलोग्राम टमाटर का उत्पादन किया, जिससे ₹3.48 लाख की आय हुई। इसके अलावा, सुपा गांव में 2,500 किलोग्राम करेले का उत्पादन हुआ, जिससे ₹55,155 की अतिरिक्त कमाई हुई। कुल मिलाकर इन महिलाओं ने ₹4.03 लाख की सब्जियों की बिक्री की।
इस पहल के तहत सुपा, बरपाली, जेवरीडीह, टपरदा और ठेंगागुढ़ी गांवों की 23 स्वयं सहायता समूहों की 59 महिलाओं ने ड्रिप सिंचाई पद्धति से टमाटर, खीरे और करेले की खेती शुरू की है। साथ ही, एसबीआई-आरएसईटीआई रायगढ़ के सहयोग से 10 दिवसीय प्रशिक्षण भी इन्हें मुफ्त में दिया गया।
ग्रामीण महिलाएं बोलीं – आधुनिक तकनीक से बदली जिंदगी
सुपा गांव की सीता बाई यादव, जो चंद्रहासिनी समूह से जुड़ी हैं, कहती हैं, “इस प्रशिक्षण से हमें खेती की आधुनिक विधियां सीखने को मिलीं। हमने समूह में मिलकर काम किया और कम समय में ज्यादा उत्पादन पाया। अब हम सभी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं।”
बरपाली गांव की शांति भारती ने बताया, “प्रशिक्षण के बाद हमने सामूहिक खेती में सीखी गई तकनीकों को अपनाया। आज हमें उम्मीद से ज्यादा सफलता मिल रही है। हमारी आय में वृद्धि हुई है और हम सभी महिलाएं बहुत खुश हैं।”
28 समूहों को मिला प्रशिक्षण, कई गांवों में बदली तस्वीर
अदाणी फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि अब तक 28 स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक कृषि प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 23 समूह पिछले दो वर्षों से सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। इनकी फसलें पटेलपाली मंडी, चंद्रपुर समेत कई बाजारों में बेची जा रही हैं। उन्होंने कहा, “यह पहल केवल आजीविका नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव की एक मजबूत कहानी है। महिला सशक्तिकरण के लिए यह कदम आने वाले समय में और प्रभावी होगा।”
छत्तीसगढ़ में कई जिलों में सक्रिय है अदाणी फाउंडेशन
अदाणी समूह छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बलौदा बाजार-भाटापारा, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा जिलों में स्थित व्यावसायिक इकाइयों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, आजीविका उन्नयन और ढांचागत विकास जैसे सीएसआर कार्यक्रम चला रहा है। इन प्रयासों से 100 से अधिक गांवों की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।









