कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात कर अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी। सोनिया ने उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद के आगामी चुनाव में उतरने की मंजूरी दे दी। अगले कुछ दिनों में वह अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर सकते हैं।
गौर हो कि कांग्रेस ने मई में उदयपुर में हुए चितन शिविर के बाद “उदयपुर नवसंकल्प” जारी किया था जिसमें पार्टी संगठन में कई सुधार सुझाए गए थे। इनमें “एक व्यक्ति, एक पद” और “एक परिवार, एक टिकट” की व्यवस्था की बातें प्रमुख हैं। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
सूत्रों ने बताया कि सोनिया के साथ मुलाकात के दौरान थरूर ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में उतरने की इच्छा जताई ताकि पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत बनाया जा सके। जवाब में सोनिया ने उन्हें अनुमति देते हुए कहा कि वह अगर चाहते हैं तो चुनाव लड़ सकते हैं, कोई भी चुनाव लड़ सकता है, वह निष्पक्ष रहेंगी। कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के जी-23 में शामिल रहे थरूर की सोनिया से इस मुलाकात के बाद उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर स्थित लगभग साफ हो गई है।
पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने इस संबंध में कहा कि कोई भी जो चुनाव लड़ना चाहता है, इसके लिए स्वतंत्र है और उसका स्वागत है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी का यह रुख रहा है कि यह एक खुली, लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। चुनाव लड़ने के लिए किसी को भी किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है।
सोनिया गांधी से मुलाकात से पहले थरूर ने उस याचिका की पैरवी की जिसमें पार्टी के युवा सदस्यों ने रचनात्मक सुधारों की मांग की है। उन्होंने उक्त याचिका के स्क्रीनशाट के साथ ट्वीट किया, “मैं उस याचिका का स्वागत करता हूं जिसे कांग्रेस के युवा सदस्यों का एक समूह प्रसारित कर रहा है। इसमें पार्टी के भीतर रचनात्मक सुधारों की मांग की गई है। इस पर 650 से अधिक लोगों ने अब तक हस्ताक्षर किए हैं। मैं इसकी पैरवी करके खुश हूं।”
याचिका में कहा गया है, “कांग्रेस सदस्य के तौर पर हमारी यह इच्छा है कि पार्टी को इस तरह मजबूत किया जाए कि उसमें हमारे राष्ट्र की आशाओं और आकांक्षाओं की झलक मिले। हम कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार से अपील करते हैं कि वह यह संकल्प ले कि ब्लाक कमेटी से लेकर कांग्रेस कार्यसमिति तक, पार्टी के सभी सदस्यों को वह साथ लेकर चलेगा और पदभार ग्रहण करने के 100 दिनों के भीतर उदयपुर नवसंकल्प को पूरी तरह लागू करेगा।”









