- वोटर लिस्ट अपडेट, 23 दिसंबर से दावा-आपत्ति का मौका
रायपुर, 23 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत गणना चरण पूरा कर लिया गया है। इस प्रक्रिया के बाद 23 दिसंबर 2025 को राज्य की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। यह पुनरीक्षण 4 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक चलाया गया, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित करना रहा।
गणना चरण के दौरान कुल 2 करोड़ 12 लाख से अधिक मतदाताओं में से 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त किए गए। यह आंकड़ा व्यापक जनभागीदारी को दर्शाता है। इस अभियान में 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, 90 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सैकड़ों सहायक अधिकारी और 24 हजार से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई।
गणना के दौरान यह भी सामने आया कि 6 लाख 42 हजार से अधिक मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि लगभग 19 लाख मतदाता स्थानांतरण या अनुपस्थिति के कारण गणना में शामिल नहीं हो सके। वहीं, 1 लाख 79 हजार से अधिक मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए, जिनका नाम नियमानुसार केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा ।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो पात्र मतदाता किसी कारणवश गणना चरण में शामिल नहीं हो सके हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक चलने वाले दावा और आपत्ति चरण के दौरान ऐसे मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं या आवश्यक सुधार करा सकते हैं ।
मतदाता यह जांच सकते हैं कि उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में है या नहीं। इसके लिए वे अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं, ECINET मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वह निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकता है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और कमजोर वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान, विशेष शिविर और स्वयंसेवकों की सहायता ली गई। कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में भी नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए।
निर्वाचन आयोग ने यह भी दोहराया है कि मतदाता सूची से किसी भी नाम को बिना पूर्व सूचना और वैधानिक प्रक्रिया के नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी मतदाता को निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के आदेश से आपत्ति है, तो वह नियमानुसार अपील कर सकता है।
आयोग ने भरोसा दिलाया है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सहभागी और कानून के अनुरूप है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए और चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास और मजबूत हो।









