कही-सुनी ( 08 नवंबर ): मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की

हास्य रस में बुनी हुई एक हल्की -फुल्की अन्दाज में- जो राजनीति, अफसर साहब के आसपास की गलियों से होते हुए पाठकों तक पहुचीं। रवि भोई (प्रबंध संपादक समवेत सृजन एवं …

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कही-सुनी (25 अक्टूबर ): मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की

हास्य रस में बुनी हुई एक हल्की -फुल्की अन्दाज में- जो राजनीति, अफसर साहब के आसपास की गलियों से होते हुए पाठकों तक पहुचीं। रवि भोई (प्रबंध संपादक समवेत सृजन एवं …

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कही-सुनी

हास्य रस में बुनी हुई एक हल्की -फुल्की अन्दाज में- जो राजनीति, अफसर साहब के आसपास की गलियों से होते हुए पाठकों तक पहुचीं। – रवि भोई (लेखक वरिष्ठ पत्रकार,लेखक-रायपुर …

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