कठुआ के बदनोता क्षेत्र में सोमवार को आतंकियों ने सैन्य वाहन पर हमला किया, जिसमें पांच सैन्यकर्मी बलिदान और पांच जख्मी हुए। यह हमला दोपहर लगभग 3.30 बजे हुआ, जब तीन आतंकियों ने स्वचालित हथियारों और ग्रेनेड का उपयोग किया। घटना के बाद आतंकी जंगल में भाग निकले।
बीते एक महीने में जम्मू में यह पांचवां हमला है। घटनास्थल पर सैन्य अधिकारी ने बताया कि आतंकी नाले और जंगल का फायदा उठाकर छिपे थे। मंगलवार को फिर से उनकी तलाश के लिए अभियान चलाया गया, जिसमें खोजी कुत्तों, ड्रोन और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया।
स्थानीय ग्रामीण विजय कुमार के अनुसार, बदनोता में यह पहली आतंकी घटना है। गांव में 100 परिवार हैं और इससे पहले कभी ऐसी हलचल नहीं देखी गई। एसएसपी अनायत अली और डीजीपी आरआर स्वैन अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
आतंकी हमले से पहले कई संदिग्ध देखे जाने की सूचना मिल रही थी। बिलावर के वार्ड नंबर दो में एक महिला ने 20 दिन पहले पुलिस को संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी दी थी। घायल सैन्य जवान ने अपनी मां से बात करते हुए कहा, “मां मैं तो बच गया, लेकिन भाइयों को नहीं बचा पाया।”
बिलावर अस्पताल में अधिकारियों और आम लोगों का तांता लगा रहा। सूत्रों के अनुसार हमले के समय मौसम खराब था और कच्ची सड़क की वजह से जवान ट्रक को वापस नहीं घुमा पाए।










