रायपुर, 7 अक्टूबर 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने आज रेल मंत्रालय की ₹24,634 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इनमें ₹2,223 करोड़ की लागत वाली गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना भी शामिल है, जो छत्तीसगढ़ के पश्चिमी अंचल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई दिशा देगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ अब विकास की नई पटरी पर तेज़ी से अग्रसर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “यह स्वीकृति न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यावरणीय विकास का मजबूत आधार बनेगी।”
84 किलोमीटर की परियोजना से बढ़ेगा औद्योगिक निवेश
84 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) और गोंदिया (महाराष्ट्र) जिलों से होकर गुज़रेगी। इसे पाँच वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना में 15 बड़े पुल, 123 छोटे पुल, 1 सुरंग, 3 रोड ओवरब्रिज (ROB) और 22 रोड अंडरब्रिज (RUB) शामिल हैं।
यह रेल लाइन आकांक्षी जिला राजनांदगांव के यात्रियों, व्यापारियों और निवेशकों के लिए नई संभावनाएं खोलेगी। स्थानीय व्यवसायों को परिवहन सुविधा मिलने से व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
हर वर्ष 30.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात संभव
परियोजना पूरी होने के बाद प्रतिवर्ष लगभग 30.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात संभव होगा। इससे रेलवे की आमदनी में वृद्धि होगी और राज्य की औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल व तैयार उत्पादों के परिवहन में बड़ी राहत मिलेगी।
साथ ही, अनुमानतः 23 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी, 4.6 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत, और लगभग ₹514 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत में कमी होगी। यह पहल हर वर्ष 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन घटाने के समान है — जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।
खनिज और ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई रेल लाइन से रायगढ़, मांड, कोरबा और इब घाटी की खदानों से कोयला परिवहन तेज़ होगा। इससे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के थर्मल पावर प्लांट्स को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ की खनिज अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक नेटवर्क दोनों को मजबूती देगी।
‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के विज़न की दिशा में ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा, औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान करेगी। यह परियोजना राज्य को “विज़न विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला एक ऐतिहासिक कदम है।









