रायपुर, 28 जनवरी 2026।छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय राज्य स्तरीय महाअधिवेशन का शुभारंभ नवागांव, अभनपुर में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर कुम्भकार समाज की पारंपरिक कला, संस्कृति और सामाजिक एकता का सजीव प्रदर्शन देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने समाज के विकास और संगठनात्मक गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 30 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को कुम्भकारी कला का प्रतीक चाक पर कार्य करता कुम्हार का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया, जो परंपरागत कला, श्रम और सृजन का प्रतीक है। इसके साथ ही समाज के युवाओं कुमारी अंकिता प्रजापति एवं दुर्गेश चक्रधारी द्वारा मुख्यमंत्री को उनकी पेंटिंग भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने कुम्भकार समाज के महाअधिवेशन, युवक-युवती परिचय सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह के सफल आयोजन के लिए समाज को बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत महाराष्ट्र के दिवंगत उपराष्ट्रपति अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने युवक-युवती परिचय सम्मेलन को समाज के लिए एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि यह मंच योग्य जीवन-साथी चयन में सहायक है। उन्होंने समाजजनों से अपील की कि प्रत्येक बेटा-बेटी को शिक्षा से जोड़ा जाए। शिक्षा को उन्होंने केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कारित और जिम्मेदार जीवन की नींव बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है और इन वर्षों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और खाद्यान्न जैसे बुनियादी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक डामर सड़कों का विस्तार किया गया है। राज्य में महाविद्यालयों, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ने से युवाओं को अपने ही प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। धान खरीदी पारदर्शी तरीके से की जा रही है और किसानों को बोनस राशि एकमुश्त खातों में दी जा रही है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है और 31 मार्च 2026 तक इसके पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सुरक्षा कैंपों की स्थापना से क्षेत्र में शांति और विकास का वातावरण बना है।
नई उद्योग नीति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और नया रायपुर में कई उद्योगों की शुरुआत से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
महाअधिवेशन के अंतर्गत आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में लगभग 300 प्रतिभागियों का पंजीयन किया गया। साथ ही समाज की आंतरिक बैठकों में शिक्षा, रोजगार, कला संरक्षण और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में विधायक इंद्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चक्रधारी, उपाध्यक्ष आत्माराम प्रजापति, महामंत्री हेमलाल कौशिक, सूरज कुम्भकार सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।









