किसी भी रथ को आगे बढ़ाने के लिए उसके चार पाए और एक रथ को आगे बढ़ाने वाला घोड़ा और उसे सही राह दिखाने वाला वह व्यक्ति आवश्यक होता है जीके हाथ में कमान हो।
ठीक उसी तरह हमारा जीवन भी है, जिसे सही राह पर खड़े करने वाला आत्मविश्वास, चक्कों की भूमिका निभाने वाला हिम्मत, शक्ति, लक्ष्य और दृणता की आवश्यकता है। ये सभी गुण मिल कर ही उस शक्ति का निर्माण करते हैं जो व्यक्ति को आगे बढ़ने की कला सिखाती हैं।










