भोपाल : इंदौर में दूषित पेयजल से मौतों के मामले में शुक्रवार को राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती ने भी अपनी ही पार्टी के नेताओं को घेरा है। उमा भारती ने एक के बाद एक, एक्स हैंडल पर तीन पोस्ट कीं। लिखा- यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बोतलबंद पानी क्यों पीते रहे। पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे। ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता। या तो प्रायश्चित या दंड। उन्होंने लिखा है कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुईं मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गई हैं। जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती। नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं, उन्हें अधिकतम दंड देना होगा।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पोस्ट करके लिखा है कि इंदौर में पानी नहीं जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की, फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? यह ‘फोकट’ सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है। राज्य सभा सदस्य विवेक तनखा ने कहा कि मध्य प्रदेश मौत का मंजर बनता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाले नरेन्द्र मोदी, हमेशा की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मौन हैं। यह शर्मनाक बात है कि यहां पर भाजपा के निकम्मेपन के चलते लोग साफ पानी के मोहताज हैं।










