रायपुर, 3 नवंबर 2026। नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में उद्यानिकी विभाग का स्टॉल किसानों और आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां ऑर्किड, जरबेरा, गुलाब सहित विभिन्न आकर्षक फूलों की खेती से लेकर उन्नत किस्मों के फल और सब्जियों के उत्पादन की जानकारी दी जा रही है। विभाग के विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक तकनीकों से खेती करने और फूलों एवं फल-सब्जियों के उत्पादन के माध्यम से आमदनी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में किसानों को खेती के नए अवसरों से परिचित कराने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों, फूलों और सब्जियों का प्रदर्शन किया गया है। यहां प्रदर्शित उन्नत किस्मों को देखने के लिए बड़ी संख्या में किसान और आगंतुक पहुंच रहे हैं। लोग उत्सुकता के साथ इनके उत्पादन, खेती की तकनीक और व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
स्टॉल में अमरूद की लखनऊ-49 और इलाहाबाद सफेदा, आंवला की एनए-4 और एनए-7, केले की जी-9, आम की तोतापरी, मौसंबी की फूले मौसंबी, नींबू की सीडलेस और कागजी लाइम, बेल की लंबी और गोमायाशी, संतरे की नागपुरी, पपीते की रेड लेडी तथा चीकू की कालीपत्ती और क्रिकेट बॉल किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ी तिखुर-1 और इंदिरा अरवी-1 जैसी स्थानीय एवं उन्नत किस्में भी किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
रंगीन शिमला मिर्च और ड्रैगन फ्रूट ने खींचा ध्यान
राज्योत्सव में उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर रंगीन शिमला मिर्च की खेती विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां मल्चिंग पद्धति से उगाई गई पीली और लाल शिमला मिर्च के साथ शिमला मिर्च की इंद्राणी और बॉम्बे रेड ओरोवेल किस्मों को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही करेला की वीएनआर-28, फूलगोभी की गिरिजा, पत्तागोभी की पूसा अगेती और परवल की राजेंद्र किस्म भी प्रदर्शनी में शामिल हैं।
स्टॉल में ड्रैगन फ्रूट, लंबा और गोल बेल, चालता, चकोतरा, नारियल, केला, आम, सेब बेर सहित विभिन्न फल एवं सब्जियों की किस्में भी प्रदर्शित की गई हैं। इसके अलावा कच्ची हल्दी और अदरक की खेती से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है। इन विभिन्न प्रजातियों को देखकर राज्योत्सव में पहुंच रहे नागरिक आश्चर्यचकित हो रहे हैं और इनके उत्पादन की तकनीक के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

फूलों की खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञ किसानों को ऑर्किड, जरबेरा, गुलाब और अन्य व्यावसायिक फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। विभाग का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ फूलों की व्यावसायिक खेती के विकल्पों से भी परिचित कराना है, ताकि वे अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर सकें।
स्टॉल में किसानों को उन्नत किस्मों की खेती, वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक और वैल्यू एडिशन के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। विभाग के माध्यम से किसानों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि आधुनिक तकनीकों और फसल विविधीकरण को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
राज्योत्सव में उद्यानिकी विभाग की यह प्रदर्शनी किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फल उत्पादन, सब्जी उत्पादन और फूलों की खेती के नए अवसरों से जोड़ रही है। साथ ही स्थानीय किस्मों और पारंपरिक फसलों को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में जागरूकता बढ़ाई जा रही है।










