संसद में मानसून सत्र में मणिपुर मुद्दे को लेकर फिर जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों को 25 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सदन में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। मुझे नहीं पता कि विपक्ष यह चर्चा क्यों नहीं होने दे रहा। मेरा आग्रह है कि विपक्ष चर्चा होने दे, ताकि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर देश के सामने सच्चाई पहुंचे। इस दौरान राज्यसभा में मणिपुर मुद्दे पर सभापति जगदीप धनखड़ से बहस कर रहे आप सांसद संजय सिंह को पूरे मानसून सत्र से बाहर कर दिया गया है। उन पर सभापति का आदेश न मानने का आरोप है। विपक्ष के अन्य सांसदों ने इस कार्रवाई का विरोध किया।
उधर, संजय सिंह के निलंबन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि कोई विरोध जता रहा है। सभी लोग संसद में विरोध करते हैं। लोकतंत्र में बोलने की आजादी है, बोलने के लिए जो संसद आता है उसे मौका मिलना चाहिए। आज सरकार की मंशा है कि किसी ना किसी तरीके से आवाज को बंद किया जाए। पिछली बार भी उन्होंने ऐसा ही किया था।
वहीं, संजय सिंह ने सदन से बाहर आकर कहा- प्रधानमंत्री सदन में आकर मणिपुर की हिंसा पर जवाब क्यों नहीं दे रहे। एक आर्मी के योद्धा की पत्नी के कपड़े उतारकर परेड कराई गई, ये शर्मनाक है। भारत की सेना और भारत के 140 करोड़ लोगों का सिर शर्म से झुक गया है। प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब नहीं दे रहे।










