भीषण गर्मी बढते ही इन्सान तो क्या जंगली जानवर भी बेचैन है। तपती गर्मी में भूख और प्यास बुझाने गाँवों की ओर रूख कर रहे हैं, रिहायशी क्षेत्र में पहुंचते ही वन्य प्राणियों को खतरा बढ जाता है। हाल में ही ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जब भूख और प्यास बुझाने की कोशिश कर रहे वन्य प्राणी संकट मे फंस गए।
हाल में ही धमतरी जिले कस नगरी क्षेत्र के दुगली में एक तेन्दुआ रात में पानी के चक्कर में एक किसान के खेत तक पहुंचा, सुबह ग्रामीणों को तेन्दुआ का शव दिखा। इसके बाद वन विभाग को सूचित किया गया। अब तक उसके मौत का कारण पता नहीं चल पाया। दूसरा मामला सिहावा के डोगरी पारा में एक तेन्दुआ बस्ती पहुच गया। यहाँ बिल्ली के शिकार के चलते बिल्ली और तेन्दुआ दोनों ही सेप्टीक टैक मे फंसे रहे, जिसे वन विभाग 12 घंटे बाद की मशक्कत से रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।
पिछले दिनों टाईगर रिजर्व के रिसगाव में एक हिरण पानी की तलाश में गाँव पहुच गया, जिसे कुत्तों ने शिकार के लिए दौड़ाया। हिरण एक ग्रामीण के घर घुस गया। ग्रामीण ने हिरण को पकड कर पानी पिलाई और जंगल में सुरक्षित छोडा। रिसगाव के खल्लारी में एक हिरण पानी की तलाश में बस्ती की करीब पहुच गया, जिसे कुत्तों ने घायल कर दिया। खल्लारी थाना के जवानों ने हिरण को बचाकर उसका उपचार कर वन विभाग को सौप दिया। बाद में उस हिरण की मौत हो गई।










