अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार को कोरोना के टीके के ट्रायल शुरू होना था। पहले ही दिन ट्रायल में शामिल होने के लिए 30 बच्चे पहुंच गए। इनमें से 12 से 18 साल के बच्चों की विभिन्न् जांचें की गईं। पूरी तरह स्वस्थ बच्चों को ही टीका लगाया जाएगा। मंगलवार को इनकी जांच रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट सही पाए जाने वाले उसी दिन से पहली डोज देने का काम शुरू हो जाएगा। यहां भारत बायोटेक व आइसीएमआर की कोवैक्सीन का बच्चों पर दूसरे-तीसरे चरण का ट्रायल है।
ट्रायल से पहले बच्चों की कोरोना, कैंसर, हृदय रोग, अस्थमा सहित कई अन्य तरह की बीमारियों की जांच की गई है। ट्रायल में शामिल बच्चों को तीन आयु वर्ग (दो से छह, छह से 12 और 12 से 18 साल) में बांटा गया है। पूरे देश में तीनों आयु वर्ग के 175-175 बच्चों को ट्रायल में शामिल किया जाएगा। इस तरह 525 बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल होगा। पटना एम्स और दो अन्य अस्पतालों में पहले से ट्रायल चल रहा है।
ट्रायल के दौरान बच्चों को पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी। साथ ही इससे पहले बच्चों में एंटीबाडी की जांच की जाएगी। इसके बाद 56 दिन, 118 और 208 दिन पूरे होने पर भी एंटीबाडी विकसित होने की जांच की जाएगी। यह ट्रायल कुल छह महीने का होगा, लेकिन पहले दो महीने में ही इस बात की रिपोर्ट आ सकती है कि बच्चों में एंटीबाडी विकसित हुई है या नहीं और हुई है तो कितनी प्रभावी है।










