जैसे अनेक प्रसंग, गीत वाक्य लागों के मन में न केवल विश्वास बढ़ाते है अपितु उनकी जीत और सफलता की नीव को भी मजबूती देते हैं। अगर कोई काम पूर्ण विश्वास और दृढ़ इच्छा से संकल्पित और संगठित होकर किया जाए तो नामुमकिन लगने वाला काम भी सफलता की राह दिखा जाता है। हम ऐसे ही एक महिला स्व-सहायता समूह की बात कर रहे हैं जिन्होंने अपने खालीपन और बिना काम के घर बैठने के बजाय बटेर पालन को आर्थिक आमदनी का जरिया बनाया है। पाटन के ग्राम पंचायत छाटा की पायल महिला स्व-सहायता समूह अपने घर गृहस्थी व परिवारिक जिम्मेदारी के साथ-साथ बटेर पालन कर आज सशक्त रूप से आगे बढ़ रही हैं।
छाटा की पायल महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष ऐमिन यादव की मीठी मुस्कान देखते ही बनती हैं। वे उत्साह से बताती हैं कि आज से करीब 5 साल पहले उनके मन में समूह गठित कर कुछ करने का विचार आया। उन्होंने अपने विचार को अन्य महिलाओं के साथ साझा किया। उनकी विचार से गांव की महिलाएं सहमत हुई और उन्होंने निश्चय किया कि गांव में बटेर पालन का व्यवसाय करेंगी। उन्होंने बताया कि व्यवसाय शुरू करने के लिए पैसे की कमी रोड़ा बन रही थी, ऐसे में पंचायत के माध्यम से पता चला कि महिला समूह को व्यवसाय शुरू करने के लिए सहजता से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। जिससे उन्होंने जिला पंचायत से संपर्क किया। जिला पंचायत द्वारा उन्हें बटेर पालन के लिए पचास हजार रूपए की ऋण स्वीकृति दी गई। साथ ही समूह को बटेर पालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और बटेर के चूजे उपलब्ध कराये गए। समूह की महिलाएं बताती हैं कि पहले उन्हें यह काम कुछ अटपटा सा लगता था। शुरूआत में बटेर के चूजे को पालना सहज नहीं था, बाद में धीरे-धीरे वे अभ्यस्त हुई। समूह की महिलाएं नियमित रूप से बटेर की देखरेख, दाना-पानी की जिम्मेदारी करती रहीं। बटेर का पहली ही विक्रय में लाभ साफ नजर आने लगा, इससे समूह की महिलाएं की आखें चमक उठी।
समूह की महिलाओं ने बताया कि बैंक से मिले ऋण का सभी किस्तों की भुगतान हो गया है। बटेर पालन कर समूह की महिलाएं प्रतिमाह आठ से दस हजार की बचत कर रही हैं। बचत के पैसों से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर की जरूरत में खर्च कर रही हेै। महिलाओं ने बताया कि पहले काम की तलाश में दूसरों के यहां मजदूरी करती थी। लेकिन आज वे सशक्त रूप से मजबूत हैं, और दूसरों के यहां मजदूरी करने के लिए विवश नहीं है। आज उनके बैंक खातों में बचत की राशि प्रतिमाह जमा हो रही है जिससे वे काफी खुश है। स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक स्वालंबन से आगे बढ़ रही हैं और क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए उदाहरण बनी हैं।
रायपुर. मानसून रायपुर से विदा हो चुका है, मगर मानसून द्रोणिका छत्तीसगढ़ से पूरी तरह रवाना नहीं हुई है. दिन में तेज धूप निकलने से राज्य में गर्मी का असर बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को राजधानी...
रायपुर. छत्तीसगढ़ में मकान और दुकान किराए पर देने तथा लेने के नियमों में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) अधिनियम को अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे नए प्रावधानों को प्रदेश में लागू...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने और वनांचल के ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। अंबिकापुर के संजय पार्क में अत्याधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा।...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और जांच की उपलब्धता तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने पर राज्य सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा...
रायपुर. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। कहते हैं मां दुर्गा के इस स्वरूप की उपासना से आत्मसंयम, धैर्य, आंतरिक शक्ति और आध्यात्मिक प्रगति का आशीर्वाद मिलता है। माता ब्रह्मचारिणी को सफेद रंग अतिप्रिय है इसलिए...
मुंबई. बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबरों के बीच एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता के ब्यान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। तनुश्री ने एक्टर की मौत पर संदेह जताते हुए कहा कि हो सकता है कि वह अभी...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा और संक्रामक रोगों से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा मिलने जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में स्थापित अत्याधुनिक बायोसेफ्टी लेवल-3 (बीएसएल-3) प्रयोगशाला से संक्रामक रोगों की पहचान, उनकी रोकथाम, वैक्सीन अनुसंधान...
नई दिल्ली. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और राहु की युति को शुभ नहीं माना जाता है। वहीं, सूर्य का राहु के नक्षत्र में प्रवेश करना भी ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार 24 अक्तूबर 2026 को सूर्य...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए राज्य सरकार ने गन्ना बोनस की गणना का आधार बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय से...
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे 10 वर्षीय रिमोन टंडन के परिवार को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत रिमोन के उपचार के लिए तत्काल...