Google Analytics Meta Pixel कही-सुनी (25 अक्टूबर ): मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की - Ekhabri.com

कही-सुनी (25 अक्टूबर ): मंच के पीछे की कहानियाँ- राजनीति,प्रशासन और राजनीतिक दलों की


हास्य रस में बुनी हुई एक हल्की -फुल्की अन्दाज में- जो राजनीति, अफसर साहब के आसपास की गलियों से होते हुए पाठकों तक पहुचीं।

रवि भोई (प्रबंध संपादक समवेत सृजन एवं स्वतंत्र पत्रकार


राजभवन और सरकार के बीच बर्फ की दीवार


पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ में राजभवन और सरकार के बीच हर बात पर म्यान से तलवार निकाल लेने की ख़बरों ने लोगों के बीच में दोनों संस्थाओं को लेकर नई धारणा पैदा कर दी है। कहा जाना लगा है कि छत्तीसगढ़ गैर भाजपा शासित राज्य है, इसलिए ऐसा हो रहा है, या सरकार अपने संवैधानिक प्रमुख को भरोसे में लेकर काम नहीं कर रही है, इसलिए ऐसा हो रहा है। बहरहाल जो भी कारण हो , पर कहावत हैं “ताली दोनों हाथों से बजती है।” यह भी याद रखना होगा दो पक्षों में तलवारें चलती है तो चोटें दोनों को ही आती है। राज्य के संवैधानिक प्रमुख के नाते राज्यपाल को किसी भी मुद्दे पर सहमति या अनुमति देने से पहले सरकार से पूछने या शंका के समाधान का अधिकार है, वहीँ राज्य में कानून-व्यवस्था को ठीक करने की जिम्मेदारी तो चुनी हुई सरकार की है। पिछले एक साल में कई बार राजभवन और सरकार में तनातनी की ख़बरें आईं। ताजा घटनाक्रम विधानसभा के विशेष सत्र की मंजूरी को लेकर हुआ। कहते हैं विधानसभा के विशेष सत्र की मंजूरी की फाइल राजभवन भेजने से पहले संसदीय कार्यमंत्री राज्यपाल से भेंटकर उन्हें ब्रीफ कर देते तो शायद फाइल दोबारा भेजने की नौबत न आती। छत्तीसगढ़ के राजभवन और सरकार के बीच कई बार बर्फ की दीवार बनती और पिघलती दिख रही है। एक मान्य परंपरा है कि मुख्यमंत्री समय-समय पर राज्यपाल से भेंटकर आते हैं, जिससे गलतफहमियां होती हैं,तो दूर हो जाती है। पर कभी-कभी राज्यपाल और मुख्यमंत्री का मिठास भी लोगों को नहीं भाता। जब छत्तीसगढ़ के राज्यपाल दिनेश नंदन सहाय थे , तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी से निकटता को लेकर भाजपा नेताओं ने दिल्ली में शिकायत की थी। केंद्र में अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार थी और दिनेश नंदन सहाय का तबादला त्रिपुरा कर दिया गया था। छत्तीसगढ़ के पहले राज्यपाल सहाय आईपीएस से रिटायर होने के बाद समता पार्टी से जुड़े थे। वर्तमान राज्यपाल अनुसुइया उइके जमीनी राजनेता हैं, भाजपा में कई पदों पर रहीं हैं, पर सुश्री उइके ने तो राजनीति का ककहरा कांग्रेस में सीखा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार के साथ शीतयुद्ध लोगों को समझ नहीं आ रहा है।


अवस्थी की जगह जुनेजा का खेल


कहते हैं कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुछ करीबी लोग राज्य का डीजीपी डीएम अवस्थी की जगह अशोक जुनेजा को बनाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। वैसे कहा जा रहा है एक वर्ग 1989 बैच के जुनेजा को डीजीपी बनाने की वकालत तब से कर रहा है, जब वे डीजी प्रमोट नहीं हुए थे। सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के आधार पर डीजीपी के पद पर किसी अफसर की नियुक्ति के बाद उसे दो साल तक पद पर बनाये रखना जरुरी है। अवस्थी दिसंबर 2018 में डीजीपी बने हैं। दिसंबर 2020 में उनके दो साल पूरे हो जायेंगे। दो महीने बाद बाधा दूर हो गई। कहा जा रहा है कि पुलिस महकमे का एक लॉबी और सरकार का एक वर्ग 1986 बैच के आईपीएस डीएम अवस्थी को अपना मन माफिक नहीं पा रहा है। सरकार की तगड़ी लॉबी अशोक जुनेजा को अपने अनुकूल ज्यादा पा रही है। अवस्थी और जुनेजा दोनों ही समय-समय पर भाजपा सरकार के करीबी रहे हैं। राज्य बंटवारे के वक्त डीआईजी के तौर पर छत्तीसगढ़ आए डीएम अवस्थी रायपुर एसएसपी, आईजी से लेकर ख़ुफ़िया प्रमुख और ईओडब्ल्यू के चीफ रहे हैं, इस पद के मुखिया का सीधा वास्ता मुख्यमंत्री से होता है। अवस्थी विरोधी लॉबी जरूर प्रचार कर रही है कि उन्होंने 20 सालों में राजधानी एक भी बार नहीं छोड़ी है। कहा जा रहा है पुलिस महकमे में जितना भी कयासबाजी चले बदलाव तो नए साल में ही संभव है, क्योंकि एक दिसंबर को चीफ सेक्रेटरी बदल जायेंगे, फिर सरकार अगला कदम उठाएगी।

Read Also  शादी से इन्कार पर उस्तरे से काटा प्रेमी का गला


भाजपा नेताओं की फिसली जुबान


कहते हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन में एक कार्यक्रम में भाजपा नेताओं की जुबान फिसलने से अर्थ का अनर्थ हो गया। पाटन में एक घटना को लेकर दुर्ग के सांसद विजय बघेल अनशन पर बैठे। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कई बड़े नेता शरीक थे। कहते हैं कार्यक्रम में भाषण से पहले पार्टी के एक नेता ने ” विजय बघेल जिंदाबाद” की जगह” भूपेश बघेल जिंदाबाद” का नारा लगा दिया, वहीं एक नेता ने साजा के पूर्व विधायक लाभचंद बाफना की जगह पूर्व विधायक रविंद्र चौबे कह दिया। भाजपा नेताओं के गलत बोल से कार्यक्रम में मौजूद लोग सकते में आ गए। बोलने वाला तो बोल गया, पर कांग्रेस सरकार को कोसने के मकसद से आयोजित कार्यक्रम में जुबान फिसलने की घटना चर्चा का विषय बन गया और लोग चटखारे भी लेने लगे। कांग्रेस के लोगों ने भी मजे लिए। यहाँ तक कि कांग्रेसी नेताओं ने अपने फेसबुक और सोशल मीडिया के दूसरे साइट में भी इसे जमकर वायरल किया। यह अलग बात है कि भाजपा ने यहाँ शक्ति प्रदर्शन कर अपने नेता का अनशन तुड़वा दिया।


नल-जल योजना के टेंडर में नेता का खेल


कहते हैं एक राजनेता के चक्कर में पीएचई विभाग की नल-जल योजना के टेंडर में छत्तीसगढ़ के लोगों को काम नहीं मिला। मिला तो भी आदिवासी और नक्सली इलाकों का काम मिला। दूसरे राज्यों के ठेकेदार मालदार निकले, जिसके कारण मैदानी और सुरक्षित क्षेत्रों का काम मिल गया। कहते हैं बड़े ठेकेदारों से ठेके से पहले दान-दक्षिणा के लिए राज्य के एक पावरफुल व्यक्ति के निवास से ही का फोन किया गया। चर्चा है नल-जल योजना में ठेकेदारी के लिए कांग्रेस के कई छोटे-बड़े नेता लगे थे , पर जिला स्तर के एक नेता को मनपसंद काम न मिलने से मामला गड़बड़ा गया और शिकायतबाजी हो गई। इसके बाद गड़बड़झाला उजागर हो गया। केंद्र और राज्य की मदद से गांव-गांव में पानी पहुँचाने की करीब 15 हजार करोड़ की इस योजना के टेंडर में गड़बड़ी के जाँच मुख्यमंत्री ने दे दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अफसरों की समिति बना दी गई है। जांच में जो भी नतीजे आएं, पर इस लफड़े से ग्रामीणों तक शुद्ध पानी पहुँचाने के काम में लेटलतीफी तो तय मानी जा रही है।

Read Also  रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास को मिली संविदा नियुक्ति 


नियम को ताक में रखकर दौड़


पद और प्रमोशन की दौड़ में हर कोई भागता है। इसमें कोई बुराई भी नहीं है , लेकिन जब नियमों की अनदेखी कर प्रमोशन पाने की दौड़ लगाईं जाती है, तब सवाल भी उठते हैं। कहते हैं कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले कृषि इंजीनियरिंग शाखा के एक अधिकारी अपने रिपोर्टिग अधिकारी से गोपनीय चरित्रावली लिखवाने की जगह दूसरे से सीआर लिखवाकर प्रमोशन की दौड़ में शामिल हो गए हैं। चर्चा है कि कृषि इंजीनियर ने संयुक्त संचालक बनने के लिए यह कारनामा किया है। कहते हैं गरियाबंद जिले के आदिवासी ग्राम पंचायत कुल्हाड़ीघाट में इसी कृषि इंजीनियर ने पुराने ट्रैक्टर को नया बताकर अनुदान स्वीकृत करवा दिया था । अनुदान के लिए फ़ाइल बैंक पहुंची तो बैंक प्रबंधक ने गड़बड़झाला को पकड़ा और शिकायत की। जाँच के बाद गड़बड़ी सही पाई गई और कृषि इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस दिया गया , लेकिन विभाग ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कुल्हाड़ीघाट वही गांव है, जहां 34 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी पहुंचे थे।


बड़े नेता को छोटा उपक्रम


राजनीति में अस्तित्व बचाने के लिए राजनेता को कभी-कभी कडुवा घूंट पीकर भी चेहरे में मुस्कराहट बिखेरनी पड़ती है। ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ के एक कांग्रेस के नेता के साथ घटित हो गया। इंदिरा गाँधी- राजीव गाँधी के जमाने के ये नेता संयुक्त मध्यप्रदेश में एक बड़े निगम के अध्यक्ष थे , पर छत्तीसगढ़ में एक छोटे से निगम के अध्यक्ष पद से ही संतोष करना पड़ा। यह निगम जिस विभाग में आता है , उस विभाग को ही वजनदार नहीं माना जाता है, तो फिर उस निगम का कितना महत्व होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है। कहते हैं नेताजी को पीएल पुनिया की सिफारिश पर यह निगम मिल गया, बाकी नेता तो कुछ देने के लिए सहमत ही नहीं हो रहे थे।

Read Also  राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी : एक साथ मिलेगा दो महीने का राशन...खाद्य विभाग ने जारी किया निर्देश


साहब हुए बैचेन


कहा जा रहा है कि कृषि विभाग की एक इकाई के मुखिया इन दिनों बड़े परेशान हैं। बताते हैं मुखिया पर दोहरी-तिहारी मार पड़ रही है। अखिल भारतीय सेवा के यह अफसर बड़े सपने लेकर वहां गए थे। लेकिन वे ऐसे चक्कर फंस गए कि अब उन्हें दिन में ही तारे नजर आने लगे हैं। किसानों के साथ सबके कल्याण की भावना वाले इस इकाई में केंद्र सरकार का डंडा अलग चलता है तो विभागीय मंत्री ने डीबीटी का पेंच फंसा दिया। इस इकाई के जरिए अपने हित साधने वाले पुराने खिलाडी अलग उनका बाल नोच रहे हैं। कमाई- धमाई ढेले का नहीं और मुसीबतों का अंबार देख साहब दूसरे ठौर की तलाश में लग गए हैं। देखे अब उन्हें कब नया ठिकाना मिलता है। वैसे सरकार ने उन्हें एक और भी काम दे रखा है, पर चर्चा वाला विभाग नहीं है।


मंत्री जी क्यों घंटों बैठे अफसर के कमरे में


कहते हैं छत्तीसगढ़ के वर्क्स डिपार्टमेंट के एक कैबिनेट मंत्री पिछले दिनों एक मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी के कमरे में घंटों बैठे रहे। मुख्य अभियंता का दफ्तर शहर के भीतर ही है। कहा जा रहा है कि कुछ दिनों पहले इस वर्क्स डिपार्टमेंट का टेंडर खोला गया था। मंत्री जी को टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका हुई या और कुछ, पता नहीं चला, पर मंत्री जी का मुख्य अभियंता के दफ्तर में घंटों बैठना चर्चा का विषय है। कहते हैं मंत्री जी के विभाग में लंबे समय से गड़बड़ी की शिकायत आ रही है और इसके चलते मंत्री जी पर भी तलवार लटक रही है।

(डिस्क्लेमर – हमने लेखक के मूल लेख में कोई भी बदलाव नही किया है। प्रकाशित पोस्ट लेखक के मूल स्वरूप में है।)

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


पत्रकारिता विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के आरोप, अभाविप का प्रदर्शन 2 जून

By User 6 / May 31, 2026 / 0 Comments
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रायपुर महानगर ने विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और छात्र समस्याओं के विरोध में 2 जून...

high court का ऐतिहासिक फैसला : परिवार में पहले से सरकारी नौकरी है? फिर भी मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति…जानें कोर्ट की बड़ी शर्त

By User 6 / June 3, 2026 / 0 Comments
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि परिवार का कोई अन्य सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत है, तब भी अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा कि ऐसे...

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में अभाविप का प्रदर्शन, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर घेराव

By User 6 / June 2, 2026 / 0 Comments
रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए कुलपति कार्यालय का घेराव किया। परिषद ने विश्वविद्यालय में कथित प्रशासनिक अनियमितताओं, छात्र समस्याओं और भ्रष्टाचार...

Tata IPL में RCB की शानदार जीत

By Reporter 5 / May 31, 2026 / 0 Comments
  RCB ने GT को हराकर दर्ज की शानदार जीत, बल्लेबाजों का धमाल   अहमदाबाद। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में...

महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त पर बड़ी अपडेट! खाते में पैसा आया या नहीं, घर बैठे ऐसे करें चेक

By User 6 / June 3, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़ : लाखों महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। योजना की 28वीं किस्त जून महीने में जारी होने की उम्मीद है, जिसे लेकर लाभार्थियों में उत्सुकता बनी हुई है। यदि आप भी इस...

छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट: तापमान में गिरावट के संकेत, प्री मानसून गतिविधियां तेज…अगले दो दिनों में गर्मी से राहत की संभावना

By User 6 / May 31, 2026 / 0 Comments
छत्तीसगढ़। प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता दिख रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे...

रायपुर में दिनदहाड़े बैंक मित्र से दो लाख रुपये लूट, मिर्ची पाउडर का लिया सहारा

By User 6 / June 2, 2026 / 0 Comments
रायपुर। रायपुर के अभनपुर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े लूट की एक वारदात सामने आई है। बैंक मित्र से दो लाख रुपये लूटने के लिए बाइक सवार बदमाशों ने पहले मिर्ची पाउडर का सहारा लिया। आरोपियों ने रास्ता रोककर नकदी से...

शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी! छत्तीसगढ़ की इस सरकारी कंपनी का IPO ला सकता है बड़ा मौका

By User 6 / June 2, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी अब पूंजी बाजार की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ लाने की योजना पर काम कर रही है, जिसके लिए उच्च...

रायगढ़ जिले में मिले 57 HIV पॉजिटिव

By User 6 / June 4, 2026 / 0 Comments
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जांच के दौरान 57 HIV पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। एक साथ इतनी संख्या में लोगों के पॉजिटिव होने के लोग हड़बड़ा गए हैं। स्वास्थ्य विभाग इस दौरान अलर्ट मोड पर...

देशभर में बरसेंगे मेघा, केरल में मानसून की दस्तक

By User 6 / June 4, 2026 / 0 Comments
केरल।देशभर में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *