रायपुर, 24 दिसंबर 2024: डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने 52 वर्षीय महिला के फेफड़े और हार्ट से चिपके पांच किलोग्राम वजनी मेडिस्टाइनल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की।

मरीज की हालत इतनी खराब थी कि वह दो महीनों से ठीक से सांस नहीं ले पा रही थी। जांच में पाया गया कि ट्यूमर ने हार्ट और फेफड़ों को दबा दिया था, जिससे सांस नली भी प्रभावित हो रही थी। मरीज को पहले हाईप्रेशर (बाईपेप) वेंटीलेटर पर रखा गया।
हार्ट और चेस्ट सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू एवं कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता की टीम ने मिलकर इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। सर्जरी के दौरान हार्ट लंग मशीन को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया, ताकि किसी आपात स्थिति में हार्ट और पल्मोनरी आर्टरी को सपोर्ट मिल सके।
सर्जरी के बाद बायोप्सी में ट्यूमर को मैलिग्नेंट सार्कोमा पाया गया, जो एक खतरनाक प्रकार का ट्यूमर है। मरीज को कीमोथेरेपी के लिए कैंसर विभाग में भेजा गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए अम्बेडकर अस्पताल की टीम को बधाई दी और जल्द ही ओपन हार्ट सर्जरी एवं कोरोनरी बायपास सर्जरी जैसी सेवाएं शुरू करने की घोषणा की।










