रायपुर, 10 फरवरी 2026।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए संबल बनी है, जिनके लिए कभी बेटी का विवाह चिंता का विषय हुआ करता था। अब यह चिंता सम्मान और भरोसे में बदल चुकी है।

मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ ने सामाजिक क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और समावेशी परंपरा को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ भी किया। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा और बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ समाज की सहभागिता जरूरी है और सफल होने पर इस अभियान को पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, श्रीरामलला दर्शन योजना और भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी योजनाओं का उल्लेख भी किया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुई थी, जिसे वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनभागीदारी को अहम बताया।
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और समावेशी सोच को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।










