रायपुर, 28 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में व्यापक जागरूकता, जांच और टीकाकरण अभियान चलाया गया।
प्रदेश के सभी जिलों में शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को हेपेटाइटिस बी एवं सी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और टीकाकरण के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही सुरक्षित जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया।
राज्य सरकार का विशेष जोर निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर रोगों की पहचान और जनजागरूकता पर है, जिससे गंभीर बीमारियों की रोकथाम और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
*जिलों में हुए विशेष कार्यक्रम*
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित प्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाए गए। शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में हेपेटाइटिस बी एवं सी की स्क्रीनिंग की गई, वहीं स्वास्थ्य कर्मियों और उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों का हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण किया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परामर्श सत्र, स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
*गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विशेष पहल*
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी गंभीर संक्रमण हैं, जिनसे बचाव के लिए सुरक्षित इंजेक्शन, सुरक्षित रक्ताधान, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ भोजन अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
*हेपेटाइटिस के लक्षण और सावधानियां*
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षणों में बुखार, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, जोड़ों में दर्द, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली और गहरे रंग का मूत्र शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई है।
*मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान*
प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से हेपेटाइटिस-बी जांच कराई जा रही है, ताकि नवजात शिशुओं को संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में हेपेटाइटिस की निःशुल्क जांच और जिला चिकित्सालयों में उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
*जनता से अपील*
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक रहें, समय पर जांच और टीकाकरण कराएं तथा सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार अपनाएं। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच और उपचार का लाभ लें।
राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर स्वस्थ और निरोग छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।










